फ्लाईओवर अधूरे, सर्विस रोड छलनी, इस वर्ष भी बारिश में गड्ढों के हवाले इंदौर, तीन साल से जनता भुगत रही है एजेंसियों की सुस्ती
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में यातायात सुधार के नाम पर बन रहे फ्लाईओवर अब आमजन के लिए राहत नहीं, मुसीबत का कारण बनते जा रहे हैं। करोड़ों के प्रोजेक्ट चल रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जिन चौराहों पर निर्माण कार्य जारी है, वहां की सर्विस रोड बदहाल, गड्ढों से भरी और बारिश से पहले तक बिना मरम्मत पड़ी है।
लवकुश चौराहा, देवास नाका, मुसाखेड़ी, सत्यसाई, आईटी पार्क और एमआर-10 बायपास जैसे व्यस्त चौराहों पर सर्विस रोड की हालात ऐसी है कि पहली बारिश में ही परेशानी होने लगी है। लगातार वर्षा होने पर वाहन चालकों और पैदल यात्रियों की मुसीबत बढ़ने वाली है।
शहर के अलग-अलग हिस्सों में फ्लाईओवर निर्माण के कारण मुख्य मार्गों से यातायात हटाकर सर्विस रोड पर मोड़ा गया है, लेकिन इन सर्विस रोड की हालत सुधारने की जिम्मेदारी निभाने में संबंधित एजेंसियां पूरी तरह नाकाम रही हैं। न पेंचवर्क हुआ, न डामरीकरण, न जलभराव रोकने की तैयारी। ऐसे में बारिश के दिनों में यही सड़कें कीचड़, गड्ढों और जाम का अड्डा बनने वाली हैं।
सबसे खराब हाल लवकुश चौराहा का है, जहां इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) का बड़ा फ्लाईओवर तीन साल से अधिक समय से निर्माणाधीन है। यहां उज्जैन रोड और उज्जैन से शहर की ओर आने वाली सर्विस रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। मरीमाता की ओर एक सर्विस रोड का काम जरूर शुरू किया है। यही रास्ता सांवेर क्षेत्र, आसपास की कालोनियों और उज्जैन जाने वाले हजारों-लाखों लोगों की आवाजाही का मुख्य मार्ग है। सावन में कांवड़ यात्रियों का दबाव बढ़ेगा तो परेशानी कई गुना बढ़ जाएगी।
मुसाखेड़ी चौराहा सर्वाधिक परेशानी
देवास नाका पर फ्लाईओवर निर्माण की गति धीमी है और सर्विस रोड का सुधार अधर में है।बाधक दुकानों को हटाने का कार्य अब किया गया है।सत्यसाई चौराहा पर भी कई हिस्सों में सर्विस रोड उखड़ी हुई है, लेकिन अब तक डामरीकरण नहीं हुआ।सबसे ज्यादा मुश्किल मुसाखेड़ी चौराहा पर है, जहां रिंग रोड पर निर्माण बेहद सुस्त है। पिपल्याहाना से तीन इमली की ओर जाने वाली सर्विस रोड संकरी, टूटी और गड्ढों से भरी है। पिछले वर्ष भी यहां लोग जाम और जलभराव से जूझे थे, लेकिन इस बार भी हालात जस के तस हैं। एमआर-10 जंक्शन पर भी सर्विस रोड उखड़ चुकी है और बारिश में यहां से निकलना चुनौती बन सकता है।
बीते वर्ष लगा था कई दिनों का जाम
अर्जुन बडा़ेद फ्लाईआेवर बन चुका है, इसलिए यहां इस बार रात मिलेगी। बीते वर्ष यहां सर्विस रोड खराब होने से कई दिनों का लंबा जाम लगा था। एमआर-10 बायपास पर भी सर्विस रोड खराब होने से वर्षाकाल में परेशानी हुई थी। इसबार भी यहां के हालत पूर्व की तरह ही है। लवकुश और मुसाखेड़ी चौराहा पर भी इस वर्षाकाल से पहले हालत नहीं बदले है।
सर्विस रोड बनाने में लापरवाही
चौराहों पर करोड़ों के फ्लाईओवर बनाए जा रहे है, लेकिन इनकी सर्विस रोड को दुरुस्त करने का काम एजेंसियों द्वारा नहीं किया जा रहा है। वर्षाकाल से पहले सर्विस रोड की मरम्मत नहीं होने से एजेंसियों की सुस्ती उजागर हो रही है, लेकिन जिम्मेदार इस पर संज्ञान नहीं ले रहे।
यातायात को अन्य मार्गों पर स्थानांतरित किया जाता है
जिन भी चौराहा पर फ्लाईओवर का निर्माण किया जाता है। वहां के यातायात को अन्य मार्गो पर स्थानांतरित किया जाता है। यदि सर्विस रोड पर यातायात डायवर्ट किया गया है, तो सामान्यत: वर्षाकाल के पहले इसका सुधार किया जाता है। – दिपेश गुप्ता, सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री
