MP में नए-पुराने चेहरों के साथ मिशन 2028 की तैयारी: जुलाई के बाद ओरछा में होगी भाजपा कार्यसमिति की पहली बैठक; तय होगा संगठनात्मक एजेंडा
15 जुलाई के बाद ओरछा में पहली बैठक होगी। भाजपा की नवगठित प्रदेश कार्यसमिति की इस बैठक में आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति पर मंथन होगा।

HighLights
- मप्र भाजपा की पहली प्रदेश कार्यसमिति बैठक जुलाई में हाेगी
- ओरछा से तय होगी मिशन-2028 की रणनीति
- सदस्यों को विधानसभा क्षेत्रों की सौंपी जा सकती है जिम्मेदारी
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा की नवगठित प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक जुलाई के मध्य में ओरछा में होने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की नई टीम की इस पहली बैठक में संगठन को और अधिक आक्रामक व जमीन पर मजबूत बनाने के लिए सदस्यों को विधानसभा क्षेत्रवार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी महीनों के लिए पार्टी का संगठनात्मक एजेंडा तय करना और राज्य की राजनीतिक व चुनावी चुनौतियों पर रणनीति बनाना है।
भाजपा का मुख्य फोकस हर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की पकड़ को मजबूत बनाना है। हाल ही में घोषित इस कार्यसमिति में मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत 106 मुख्य सदस्य शामिल हैं। पार्टी नेताओं के अनुसार 15 जुलाई के बाद की तिथि बैठक के लिए तय की जा सकती है।
कार्यसमिति से कई बड़े चेहरे नदारद
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में कई बड़े चेहरे नदारद हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, सांसद आलोक शर्मा और पूर्व सांसद आलोक संजर जैसे नेताओं को कार्यसमिति में स्थान नहीं दिया गया है। वहीं, कांग्रेस से आए कई नेताओं को शामिल किया गया है। इससे भाजपा की मजबूरी भी समझ में आती है। पार्टी ने कांग्रेस से आए सुरेश पचौरी और दीपक सक्सेना को भी कार्यसमिति में लेकर संदेश देने की कोशिश की है कि नए – पुराने सभी नेताओं को पार्टी महत्व दे रही है।
सिंधिया के साथ आईं इमरती देवी को भी कार्यसमिति में लाकर मुख्यधारा में लाया गया है। कांग्रेस की सविता दीवान को भी सदस्य बनाकर महिलाओं के कोटे की भरपाई की गई है। कुल मिलाकर देखा जाए तो पार्टी मिशन 2028 के लिए तैयार हो गई है।
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हर विधानसभा क्षेत्र में पकड़ मजबूत बनाने पर रहेगा जोर
पार्टी नेताओं के अनुसार संगठन को जमीनी स्तर पर अधिक सक्रिय और आक्रामक बनाने के लिए कार्यसमिति के सदस्यों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। भाजपा का पूरा जोर हर विधानसभा क्षेत्र में अपनी पकड़ को मजबूत करने और बूथ स्तर तक संगठन का विस्तार करने पर रहेगा। सभी 106 कार्यसमिति सदस्यों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की सीधी जिम्मेदारी सौंपने पर संगठन विचार कर रहा है।
हर बूथ, सबसे मजबूत अभियान के तहत जमीनी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ विपक्षी दलों के गढ़ माने जाने वाले क्षेत्रों में पार्टी का प्रभाव बढ़ाने की योजना बनाने पर संगठन विचार कर रहा है। राज्य में होने वाले आगामी स्थानीय निकाय या दतिया उपचुनावों के लिए शुरुआती तैयारी को भी अंतिम रूप दिया जाएगा।
15 जुलाई तक शादियां है। सभी उसमें व्यस्त रहेंगे इसलिए सभी ने मिलकर तय किया है कि 15 जुलाई के बाद पूर्व निर्धारित स्थल ओरछा में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक करेंगे।- हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा।
