एमपी में तेजी से आगे बढ़ रहा मानसून, 15 से 20 जून तक देगा दस्तक, प्री-मानसून में अब तक सामान्य से 8% ज्यादा बरसे मेघ
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। जून माह के पहले पखवाड़े में प्री-मानसून गतिविधियों का असर प्रदेश में अलग-अलग रूप में देखने को मिला। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार एक जून से आठ जून तक प्रदेश में औसतन 14.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि की सामान्य वर्षा 13.5 मिलीमीटर है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। हालांकि प्रदेश के दोनों मौसम उपखंडों की स्थिति अलग-अलग है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में इस अवधि में केवल 6 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो सामान्य 13.4 मिलीमीटर की तुलना में 56 प्रतिशत कम है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य 13.7 मिलीमीटर से 55 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के चार बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल में सामान्य से चार गुना से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि इंदौर और जबलपुर में वर्षा सामान्य से कम रही। ग्वालियर में सामान्य से 28 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकार्ड हुई।
15 से 20 जून तक प्रदेश में दस्तक देगा मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विज्ञानी एचएस पांडे ने बताया कि मानसून नौ जून को पूर्वोत्तर भारत के शेष हिस्सों, पूरे सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ भागों तक पहुंच गया है। अगले चार से पांच दिनों के दौरान मानसून के मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री 15 से 20 जून तक होने की संभावना है।
गर्मी और उमस से प्रदेशवासी बेहाल
मंगलवार को प्रदेश में गर्मी और उमस से प्रदेशवासी बेहाल रहे। दतिया का पारा 44 डिग्री सबसे अधिक रिकार्ड किया गया। वहीं रीवा और टीकमगढ़ का अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री रहा। पश्चिमी इलाकों के तापमान 38.5 डिग्री से लेकर 43.0 डिग्री तक रिकार्ड किए गए। यहां रात के तापमान में भी इजाफा हुआ है। ग्वालियर का न्यूनतम तापमान 31.8 डिग्री रिकार्ड किया गया। शेष संभागों के तापमान 24.8 डिग्री से लेकर 29.1 डिग्री तक रहे। पूर्वी इलाकों में दिन का तापमान 38.0 डिग्री से लेकर 43 डिग्री तक रिकार्ड किया गया, न्यूनतम तापमान 25.0 डिग्री से लेकर 29.4 डिग्री तक रिकार्ड किया गया। जबलपुर में दिन में 9.0 मिलीमीटर वर्षा हुई।
प्रदेश में वर्षा की स्थिति (1 से 8 जून)
मध्य प्रदेश: सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक
पूर्वी प्रदेश: सामान्य से 56 प्रतिशत कम
पश्चिमी प्रदेश: सामान्य से 55 प्रतिशत अधिक
शहर के चार बड़े शहरों में वर्षा की स्थिति
भोपाल: वास्तविक वर्षा 53.7 मिलीमीटर – सामान्य वर्षा 13.3 मिलीमीटर – स्थिति 304 प्रतिशत अधिक
इंदौर: वास्तविक वर्षा 12.5 मिलीमीटर – सामान्य वर्षा 18.7 मिलीमीटर – स्थिति 33 प्रतिशत कम
ग्वालियर: वास्तविक वर्षा 10.0 मिलीमीटर – सामान्य वर्षा 7.8 मिलीमीटर – स्थिति 28 प्रतिशत अधिक
जबलपुर: वास्तविक वर्षा 5.0 मिलीमीटर – सामान्य वर्षा 14.3 मिलीमीटर – स्थिति 65 प्रतिशत कम
सामान्य से सबसे अधिक वर्षा वाले जिले
नीमच: 493 प्रतिशत अधिक
आगर-मालवा: 385 प्रतिशत अधिक
श्शोपुल (श्योपुर): 346 प्रतिशत अधिक
मंदसौर: 334 प्रतिशत अधिक
भोपाल: 304 प्रतिशत अधिक
सामान्य से सबसे कम वर्षा वाले जिले
टीकमगढ़: 97 प्रतिशत कम
डिंडोरी: 96 प्रतिशत कम
भिंड: 95 प्रतिशत कम
छिंदवाड़ा: 92 प्रतिशत कम
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प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान
भोपाल: अधिकतम 40.1 – न्यूनतम 26.8
इंदौर: अधिकतम 40.0 – न्यूनतम 26.1
ग्वालियर: अधिकतम 42.8 – न्यूनतम 31.8
जबलपुर: अधिकतम 40.0 – न्यूनतम 28.5
(नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में है)
