दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस में रार: घनश्याम सिंह का राजेंद्र भारती पर भीतरघात का आरोप, भारती बोले- पूर्व गृहमंत्री से हैं इनके करीबी रिश्ते
Datia news: कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने यह भी दावा किया कि मतदान से एक दिन पहले राजेंद्र भारती ने अपने बगीचे पर कार्यकर्ताओं की बैठक करक…और पढ़ें

HighLights
- आमने-सामने आए राजेंद्र भारती और घनश्याम सिंह
- दोनों प्रत्याशियों एक-दूसरे पर आरोप लगाए
- आलाकमान से की शिकायत
नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव का गुरुवार को मतदान होने के बाद कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। अगले ही दिन शुक्रवार को पार्टी प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर खुलकर अपना विरोध करने का आरोप लगाया।
घनश्याम ने कहा कि भारती ने चुनाव के दौरान किसी बैठक या सार्वजनिक मंच से उनके पक्ष में मतदान की अपील नहीं की। भारती जब भी पार्टी कार्यक्रमों में आए, उन्होंने संगठनात्मक सहयोग देने के बजाय अपनी व्यक्तिगत नाराजगी और व्यथा ही व्यक्त की।
मुझे, सामंतवादी मानसिकता तक कहा…
घनश्याम सिंह ने यह भी दावा किया कि मतदान से एक दिन पहले राजेंद्र भारती ने अपने बगीचे पर कार्यकर्ताओं की बैठक करके उनके खिलाफ सामंतवादी मानसिकता और अन्य आरोप लगाए। इस संबंध में पूरी जानकारी पार्टी प्रदेश आलाकमान और प्रदेश पदाधिकारियों को भेज दी गई है। यह आरोप घनश्याम ने इससे पहले पूर्व विधायक राजेंद्र भारती द्वारा अपनी उम्मीदवारी पर सवाल उठाए जाने पर लगाए। दरअसल, भारती ने आरोप लगाया कि घनश्याम पिछले तीन चुनावों से सेवढ़ा क्षेत्र से चुनाव लड़ते रहे हैं और बाद में सीधे दतिया से टिकट मांग लिया।
घनश्याम पर लगाया नरोत्तम से निकटता का आरोप
भारती ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम का प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा से निकट संबंध हैं। वह उनके साथ कई कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं। सेवढ़ा चुनाव में घनश्याम को पूर्व गृहमंत्री से आर्थिक मदद और सहयोग मिली।
आसपा प्रत्याशी ने भी अपने कार्यकर्ताओं पर लगाया आरोप
मतदान के बाद आजाद समाज पार्टी (आसपा ) के प्रत्याशी दामोदर यादव ने भी चुनाव में भीतरघात का आरोप लगाया है। फेसबुक लाइव के दौरान उन्होंने दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी और गुना क्षेत्र के कुछ पार्टीजनों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पता है कि किन लोगों ने उनके साथ अंदरूनी विरोध किया। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले जनपद, जिला पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में इसका राजनीतिक हिसाब चुकाया जाएगा।