UCC बिल पास करने वाला देश का चौथा राज्य बना MP, शादी से लेकर लिव-इन तक बदलेंगे ये नियम, सीएम मोहन यादव बोले- ‘93% जनता हमारे साथ’
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के भारी हंगामे, नारेबाजी और तीखी बहस के बीच ‘समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक’ बहुमत से पारित हो गया है। कांग्रेस विधायकों के लगातार विरोध और “चंदा चोरों, गद्दी छोड़ो” के नारों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में विधेयक पर अपना वक्तव्य रखा। यूसीसी बिल पारित होने के साथ ही मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाने वाला देश का प्रमुख राज्य बन गया है।
कांग्रेस वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति कर रही: सीएम मोहन यादव
विधेयक पर अपना वक्तव्य देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से तुष्टिकरण और मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करती आई है और देश की जनता की पीठ में खंजर घोंपने का काम किया है।
सीएम ने कहा, “आज के बाद मध्य प्रदेश में भेदभाव से मुक्ति मिलेगी। कांग्रेसियों के दांत खाने के और दिखाने के और हैं। अब इनका पाखंड और दोहरा रोल नहीं चलेगा। अगर कांग्रेस बाबा साहब अंबेडकर के संविधान का रत्ती भर भी सम्मान करती है, तो उसे इस बिल का खुलकर समर्थन करना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश के 93 प्रतिशत नागरिकों ने यूसीसी का समर्थन किया है। विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने चौपाई का उदाहरण दिया- “जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन्ह तैसी…” और कहा कि कांग्रेस की निगाहें खराब हैं, इसलिए उन्हें सीधी बात भी तिरछी दिखाई देती है।
VIDEO | Bhopal: After the Madhya Pradesh Assembly passed the Uniform Civil Code (UCC) Bill by voice vote amid protests by the Opposition Congress, CM Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) says, “The country’s most populous state has now implemented the UCC. I extend my congratulations.… pic.twitter.com/nfT6KtxPuj
— Press Trust of India (@PTI_News) July 21, 2026
बहुविवाह पर रोक और विवाह का सरकारी पंजीयन अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने यूसीसी विधेयक के मुख्य प्रावधानों को स्पष्ट करते हुए कहा कि…
- विवाह पंजीयन: प्रदेश की धरती पर होने वाले सभी विवाहों का शासकीय पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) कराना अनिवार्य होगा। पंजीयन न कराने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
- बहुविवाह पर प्रतिबंध: एक पत्नी के जीवित/रहते हुए दूसरे विवाह की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह, एक पति के रहते हुए पत्नी को भी दूसरे विवाह की अनुमति नहीं दी जाएगी।
- समानता व सशक्तिकरण: यह विधेयक महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता और समानता को बढ़ावा देने वाला है। हालांकि, नागरिकों के सामाजिक संस्कार पहले की तरह ही चलते रहेंगे।
मसूद का संशोधन प्रस्ताव खारिज, हंगामे के बीच बिल पारित
संबोधन के दौरान सीएम ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि 1947 में भोपाल को भारत में मिलाने के बजाय पाकिस्तान में मिलाने की कोशिश की गई थी, ऐसे लोगों की मानसिकता पर सवाल उठना चाहिए।
मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद से अपने संशोधन प्रस्ताव पर बात रखने को कहा। हालांकि, मसूद का संशोधन प्रस्ताव सदन में खारिज हो गया। इसके तुरंत बाद ही विपक्षी हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने समान नागरिक संहिता विधेयक को पारित घोषित कर दिया।
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यूसीसी बिल पास होने के बाद सदन में ‘मध्य प्रदेश राजमार्ग संशोधन विधेयक’ पर चर्चा शुरू हुई, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।