सुरक्षा के बिना मौत की पुताई! एयरफोर्स मुख्यालय में काम कर रहे मजदूर की गिरकर मौत
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नागपुर: गिट्टीखदान थाना क्षेत्र स्थित वायुसेना नगर में हुए एक दर्दनाक हादसे ने मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था और ठेकेदारी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एयरफोर्स मुख्यालय परिसर में पेंटिंग का काम कर रहे 50 वर्षीय मजदूर उमेश महादेव धुर्वे की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। आरोप है कि मजदूरों को किसी प्रकार के सुरक्षा उपकरण या सेफ्टी हार्नेस उपलब्ध नहीं कराए गए थे। हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में 10 लाख रुपये के मुआवजे पर सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
जानकारी के अनुसार, वायुसेना नगर स्थित एयरफोर्स परिसर में पेंटिंग का ठेका एक निजी ठेकेदार को दिया गया था। इसी कार्य में पिछले करीब 22 वर्षों से मजदूरी कर रहे उमेश महादेव धुर्वे भी काम कर रहे थे। आरोप है कि मजदूरों को सुरक्षा किट, हेलमेट या सेफ्टी हार्नेस उपलब्ध कराए बिना ही ऊंची इमारतों पर रस्सी की सीढ़ियों के सहारे काम कराया जा रहा था।
मंगलवार दोपहर काम के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से उमेश धुर्वे तीसरी मंजिल से नीचे गिर गए। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी मजदूर उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद मृतक के दोनों बेटे, मजदूर संगठन के कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक एयरफोर्स मुख्यालय के सामने शव रखकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि वर्षों तक काम कराने के बावजूद मजदूर का बीमा नहीं कराया गया और सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की गई।
परिजनों ने परिवार की आर्थिक सुरक्षा को देखते हुए उचित मुआवजे की मांग की। कई घंटों तक चले विरोध प्रदर्शन और बातचीत के बाद मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने पर सहमति बनी, जिसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया।
यह हादसा एक बार फिर निर्माण और रखरखाव कार्यों में लगे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। मामले की जांच जारी है।
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