Indore

सुप्रीम कोर्ट ने की अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर जामखानकाप की ट्रांसफर याचिका खारिज


बालाघाट में बाघ का शिकार कर उसकी खाल एवं हड्डियों को अवैध रूप से खरीदकर असम और मिजोरम में बेचने तथा म्यांमार के रास्ते चीन तक तस्करी करने वाले संगठित …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 05 Jun 2026 09:59:18 PM (IST)Updated Date: Fri, 05 Jun 2026 11:50:09 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने की अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर जामखानकाप की ट्रांसफर याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट

HighLights

  1. विवेचना में उजागर हुआ कि जामखानकाप बाघ के अवयवों की खरीद-फरोख्त में शामिल था।
  2. आरोप है वह हवाला माध्यम से इसके बदले प्राप्त धनराशि भारत में पहुंचाने का कार्य करता था।
  3. आरोपित के विरुद्ध महाराष्ट्र के राजुरा वनमंडल में भी बाघ शिकार से संबंधित प्रकरण दर्ज हैं।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में बाघों के अवैध शिकार एवं उनके अवयवों की तस्करी के आरोपित अंतरराष्ट्रीय तस्कर जामखानकाप निवासी थुंपुई, जिला आइजोल (मिजोरम) की ट्रांसफर याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की यह कार्रवाई स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की महत्वपूर्ण सफलता है। आरोपित एक वर्ष से अधिक समय से न्यायिक अभिरक्षा में है तथा मामले की विवेचना अभी जारी है।

बालाघाट में बाघ का शिकार कर उसकी खाल एवं हड्डियों को अवैध रूप से खरीदकर असम और मिजोरम में बेचने तथा म्यांमार के रास्ते चीन तक तस्करी करने वाले संगठित गिरोह के विरुद्ध स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स द्वारा कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में हरियाणा निवासी आरोपित सोनू सिंह बावरिया को गिरफ्तार कर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है इस प्रकरण में अब तक छह आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

विवेचना में उजागर हुआ कि आरोपित जामखानकाप बाघ के अवयवों की खरीद-फरोख्त में शामिल था। आरोप है कि वह हवाला माध्यम से इसके बदले प्राप्त धनराशि भारत में पहुंचाने का कार्य करता था।

आरोपित के विरुद्ध महाराष्ट्र के राजुरा वनमंडल में भी बाघ शिकार से संबंधित प्रकरण दर्ज हैं। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उसके विरुद्ध मनी लान्ड्रिंग के मामले में भी जांच की जा रही है।

जामखानकाप ने मध्य प्रदेश में चल रहे प्रकरण को महाराष्ट्र के चंद्रपुर न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटीशन (क्रिमिनल) दायर की थी।

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स द्वारा तैयार जवाब-दावा के आधार पर सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने यह माना कि दोनों प्रकरण अलग-अलग हैं तथा बाघों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी जैसे गंभीर विषय को दृष्टिगत रखते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

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