Indore

पानी की केन से चोट पहुंचाकर गई थी साधु की हत्या, सीने की हड्डी टूटने से हुई थी मौत, आरोपी गिरफ्तार


नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मंगलनाथ मंदिर के सामने कुटिया में रहने वाले साधु की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत व समाधि देने के मामले का चिमनगंज पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। जांच में पुलिस को पता चला है कि किराना दुकान संचालक को साधु ने शराब लेकर नहीं आने पर चिमटे से मारा था।

इससे उसने पानी की केन फेंककर मार दी थी, जिससे उनकी सीने की हड्डी टूटने के कारण चार दिन बाद मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पता चला है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं पुलिस को जानकारी दिए बगैर शव को समाधि देने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की जा रही है।

टीआई विवेक कनोड़िया ने बताया कि गंगेश्वर गिरि उर्फ सुनील जोशी निवासी जावरा ने वर्ष 2010 में नीमच में भास्करानंद महाराज से दीक्षा ले ली थी। इसके बाद सुनील साधु बन गया था। हालांकि इसके बाद भी वह परिवार के लोगों से संपर्क में था। गंगेश्वर गिरि का भाई अनिल जोशी जावरा से उज्जैन पहुंचा था।

उसने चिमनगंज पुलिस को शिकायत की थी कि उसका भाई गंगेश्वर गिरि लापता हो गया है। 10 जून को उससे मोबाइल पर बात हुई थी। इसके बाद से उससे संपर्क नहीं हो पाया है। उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है।

पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। भाई अनिल ने मंगलनाथ मंदिर क्षेत्र में फूल-प्रसाद बेचने वाले लोगों को अपने भाई की फोटो दिखाई तो लोगों ने उसे बताया कि गंगेश्वर गिरि की तो मौत हो चुकी है। उसे मंगलनाथ मंदिर के सामने मलानी बाबा की कुटिया के पास समाधि दे दी गई है। शुक्रवार को पुलिस ने समाधि को खोदकर शव को निकाला था। शव सड़ चुका था। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया है।

पीएम रिपोर्ट में पता चला था कि सीने में चोट लगने व हड्डी टूटने के कारण उसकी मौत हुई थी। जांच में पुलिस को पता चला है कि गंगेश्वरी बाबा की कुटिया पर किराना दुकान संचालित करने वाला कौशिक सोनी (24 वर्ष) निवासी शिवांश पैराडाइज नामक युवक आता था। सात जून को कौशिक सोनी कुटिया में आया था।

कौशिक ने पुलिस को बताया कि गंगेश्वरी साधु के लिए वह घी व दूध लेकर गया था, मगर गंगेश्वरी शराब पीने का आदी था। वह शराब लेकर आने का कह रहा था। कौशिक ने उसे शराब लाकर देने से मना किया तो उसने चिमटे से कौशिक को पीट दिया था। इससे नाराज होकर कौशिक ने पानी की केन उठाकर गंगेश्वरी पर फेंक दी थी, जिससे उसके सीने में चोट लग गई थी। 11 जून को उसकी मौत हो गई थी।

लोगों ने पुलिस को बगैर सूचना दिए शव को समाधि दे दी थी। पुलिस ने कौशिक के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है, जबकि समाधि देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस द्वारा मृतक के मोबाइल नंबर की काल डिटेल रिकार्ड खंगाली थी, जिससे पता चला था कि गंगेश्वर गिरि द्वारा डायल-112 पर काल कर शिकायत दर्ज कराई गई थी।

शिकायत में मृतक ने बताया था कि कौशिक सोनी नामक व्यक्ति द्वारा मामूली विवाद के दौरान उन पर पानी की केन फेंकी गई, जिससे उनके सीने में चोट आई है। काल के दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी गई थी। गंगेश्वर गिरि द्वारा अगले दिन थाना आने की बात कही गई थी, लेकिन वह रिपोर्ट करवाने थाने नहीं गया और उसकी मौत हो गई थी।

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