जबलपुर में भ्रूण लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात कराने के मामले में कार्रवाई, सोनोग्राफी और पैथालाजी लैब के संचालक दोनों डाॅक्टर गिरफ्तार
भ्रूण लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात की शिकायत मिलने पर दो महिला आरक्षक गर्भवती बनकर सेंटर पहुंची थीं। जहां 15 हजार रुपये लेकर भ्रूण लिंग परीक्षण और बाल…और पढ़ें

HighLights
- सोनोग्राफी और पैथालाजी लैब के संचालक पकड़ाए।
- अवैध गर्भपात कराने के मामले में कार्रवाई की गई।
- इस सेंटर से जुड़ी महिला एजेंट की तलाश जारी है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। भ्रूण लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात के मामले में आरोपित आधारताल के सरल एक्स-रे एवं पैथोलाजी के संचालक सतीश अग्रवाल और मालवीय चौक के आरके डिजिटल एक्सरे सोनोग्राफी कलर डाप्लर सेंटर के संचालक राजेंद्र अग्रवाल को ओमती पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि बाद में कोर्ट ने दोनों आरोपितों को जमानत पर रिहा कर दिया। सोमवार को पुलिस ने इनके सेंटरों पर छापेमारी की थी।
जांच के दौरान अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण एवं गर्भपात में महिला एजेंट डाली जायसवाल उर्फ खुशी की भूमिका सामने आई है, जो फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
भ्रूण लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात की शिकायत मिलने पर दो महिला आरक्षक गर्भवती बनकर सेंटर पहुंची थीं। जहां 15 हजार रुपये लेकर भ्रूण लिंग परीक्षण और बालिका होने पर गर्भपात का सौदा तय हुआ।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों सेंटर को सील कर दिया। राजेंद्र अग्रवाल और महिला एजेंट डाली के मोबाइल फोन की जांच करने पर उसमें भ्रूण परीक्षण और गर्भपात संबंधित कई संदिग्ध फोटो मिले। इसके बाद मंगलवार को दोनों डाक्टर व महिला एजेंट के विरुद्ध एफआइआर दर्ज की गई थी।