मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री… भोपाल-ग्वालियर समेत इन 19 जिलों में झमाझम बारिश के आसार
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में मानसून का प्रवेश हो चुका है, हालांकि उसका असर अभी बड़े क्षेत्रों तक नहीं पहुंचा। रविवार को दिन भर प्रदेश के अधिकांश जिलों में कहीं कोई वर्षा गतिविधि नहीं हुई। इस बीच रतलाम में मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज हुई है। श्योपुर और गुना में भी हल्की बरसात हुई। यह स्थानीय मौसमी तंत्र के प्रभाव से हुआ।
विज्ञानियों का कहना है कि इस समय मानसून के अलावा तीन ऐसे मौसमी तंत्र सक्रिय हैं, जिनसे अगले कुछ दिनों में प्रदेश में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है।
पहला सिस्टम: चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक उत्तरी गुजरात के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण अब मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर आ गया है, जो 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला है। इसकी वजह से वातावरण में नमी और अस्थिरता बढ़ रही है। प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और उत्तरी जिलों में बादल बने हैं।
यहां कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज वर्षा की संभावना बन रही है।
दूसरा सिस्टम: द्रोणिका से बढ़ेगी नमी
दूसरा सिस्टम उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से विदर्भ होकर तेलंगाना तक फैली हुई द्रोणिका है। इसकी वजह से कई दिशाओं से आ रही हवाएं इस लाइन के नीचे मिलकर ऊपर उठ रही हैं। इस सिस्टम से मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सिवनी में अच्छी वर्षा की उम्मीद है।
विज्ञानियों का कहना है कि यह द्रोणिका अगर चक्रवाती परिसंचरण के साथ कहीं मिलती है तो उन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की स्थिति बन सकती है।
तीसरा सिस्टम: उत्तरी जिलों में असर दिखाएगी ट्रफ लाइन
तीसरा सिस्टम पंजाब से हरियाणा, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक फैली हुई मौसमी ट्रफ लाइन है। इसका दक्षिणी प्रभाव मध्य प्रदेश के उत्तरी जिलों पर पड़ सकता है। इससे ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ेंगी।
पिछले दिनों सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गया है। अभी वह केवल ऊपरी क्षोभमंडल में ट्रफ के रूप में मौजूद है, जो ऊपरी स्तर की हवाओं में अस्थिरता बढ़ाकर अन्य मौसमी प्रणालियों के लिए मददगार हो सकता है। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर दो जुलाई को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे प्रदेश के मौसम में भी उथल-पुथल होगी। अगले दो दिनों तक भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, शहडोल और सागर संभागों में अच्छी वर्षा के आसार दिख रहे हैं।
30 तक आगे बढ़ेगा मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा 23-24 जून से अभी भी सूरत, आलीराजपुर, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज पर स्थिर है। अगले दो-तीन दिनों में इसके आगे बढ़ने की परिस्थितियां अनुकूल हैं। अगर यह आगे बढ़ता है तो प्रदेश के अधिकांश जिलों में समान वर्षा का सिलसिला शुरू होगा।
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यहां भारी वर्षा की चेतावनी
मौसम विभाग ने देवास, उज्जैन, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा, झंझावात और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
