Indore

दतिया का समीकरण बदल पाएगी भाजपा या भीतरघात का होगी शिकार, जानिए कौन हैं आशुतोष तिवारी, जो पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर पड़े भारी


आशुतोष तिवारी संभागीय संगठन मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने सेवढ़ा से भाजपा का टिकट भी मांगा था। …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 11 Jul 2026 01:26:56 PM (IST)Updated Date: Sat, 11 Jul 2026 01:27:15 PM (IST)

दतिया का समीकरण बदल पाएगी भाजपा या भीतरघात का होगी शिकार, जानिए कौन हैं आशुतोष तिवारी, जो पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर पड़े भारी

HighLights

  1. 25 साल से संघ में सक्रिय हैं आशुतोष
  2. बीजेपी ने खत्म किया ‘बाहरी’ का मुद्दा
  3. भीतरघात और चक्काजाम की चुनौती

डिजिटल टीम, ग्वालियर। दतिया विधानसभा उपचुनाव में इस बार भाजपा ने भाजपा ने इस बार उन्हें पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की बजाय आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित किया है। भांडेर तहसील के पिपरौआकलां निवासी आशुतोष तिवारी लंबे समय से आरएसएस से जुड़े रहे। कॉलेज राजनीति में भी आरएसएस के आयोजनों में वह सक्रियता दिखाते थे। डबल एमए पास आशुतोष तिवारी को तत्कालीन शिवराज सरकार में मप्र हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष का दायित्व मिला था।

वह संभागीय संगठन मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने सेवढ़ा से भाजपा का टिकट भी मांगा था। लेकिन उस समय उनकी यह मांग पूरी नहीं हो सकी और टिकट प्रदीप अग्रवाल को देकर पार्टी ने मैदान में उतारा।

कृषि और ग्रामीण परिवेश से जुड़ी परिवारिक पृष्ठभूमि

भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पिता स्वर्गीय कुंजबिहारी कृषक थे। उनकी परिवारिक पृष्ठभूमि कृषि और ग्रामीण परिवेश से जुड़ी रही। आशुतोष के बड़े भाई संजीव तिवारी भांडेर के ही सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। जबकि मां गृहणी हैं। 51 वर्षीय आशुतोष तिवारी पिछले 25 वर्षों से संघ की राजनीति में सक्रिय हैं। इसीके चलते उन्हें शिवराज सरकार में बोर्ड अध्यक्ष बनाकर केबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था। दतिया उपचुनाव में भाजपा की ओर से करीब 15 साल बाद कोई नया चेहरा मैदान में होगा। वर्ष 2008 के बाद से लगातार चार विस चुनाव में पूर्व गृहमंत्री डॉक्टर मिश्रा ही उम्मीदवार रहे थे।

आशुतोष तिवारी को टिकट देकर भाजपा ने खत्‍म किया बहारी का मुद्दा

साल 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने दतिया विधानसभा सीट से नरोत्तम मिश्रा को उम्‍मीदवार बनाया था। नरोत्तम मिश्रा डबरा के रहने वाले हैं, ऐसे में यहां कांग्रेस ने बहारी का दांव चला। चुनाव परिणाम में कांग्रेस के उममीदवार राजेंद्र भारती ने मिश्रा को हरा दिया। लेकिन भाजपा ने इस बार दतिया के ही आशुतोष तिवारी को उम्‍मीदवार बनाकर इस मुद्दे को खत्‍म कर दिया है।

ग्वालियर-झांसी हाईवे पर 12 घंटे तक हुआ बवाल

बता दें, कि दतिया में भाजपा उम्मीदवार की घोषणा के बाद शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे से समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा और चक्काजाम शुरू हो गया। यह हंगामा शनिवार सुबह करीब 5 बजे तक, यानी लगातार 12 घंटे तक जारी रहा, जिसके कारण ग्वालियर-झांसी हाईवे पर लगभग 15 से 20 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और सैकड़ों वाहन फंस गए।

इस भारी बवाल और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को देखते हुए दतिया कलेक्टर ने तुरंत एक्शन लिया है। प्रशासन द्वारा जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत अब बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार की सभा, रैली या जुलूस निकालने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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