आतंकियों से जान का खतरा बताकर बनाया लाइसेंस, पुलिस अनवर डकैत से एजेंट और मददगारों के संबंध में पूछताछ कर रही है
कुख्यात बदमाश अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत ने जम्मू कश्मीर में ठेकेदार बनकर शस्त्र लाइसेंस बनवाना स्वीकारा है। उसने आतंकियों से जान का खतरा बताया था।

HighLights
- ऑटो चालक से पार्षद और फिर गैंगस्टर बना अनवर डकैत
- फर्जी कागजात से शस्त्र लाइसेंस बनवाने की बात भी कबूली
- कुख्यात अनवर डकैत को मिली 7 दिन की पुलिस रिमांड पर
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। कुख्यात बदमाश अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत ने जम्मू कश्मीर में ठेकेदार बनकर शस्त्र लाइसेंस बनवाना स्वीकारा है। उसने आतंकियों से जान का खतरा बताया था। सदर बाजार पुलिस ने पूछताछ के लिए सात दिन का पुलिस रिमांड लिया है। उससे एजेंट और मददगारों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
अनवर डकैत के खिलाफ 27 आपराधिक मुकदमे दर्ज
सदर बाजार टीआई पीएल शर्मा के मुताबिक अनवर डकैत के खिलाफ 27 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पहला अपराध साल 1997 में संयोगितागंज थाना में दर्ज हुआ था। उस वक्त अनवर ऑटो रिक्शा चलाता था और मदीना नगर (आजाद नगर) में रहता था। अनवर ने प्रॉपर्टी संबंधित काम शुरू किया और कांग्रेस नेता की मदद से राजनीति में कदम रखा। कांग्रेस से पार्षद का चुनाव लड़ा और नगर निगम में पहुंच गया।
फर्जी दस्तावेजों से बनवाया शस्त्र लाइसेंस
टीआई के अनुसार आरोपित ने साल 2008 में रामबन से शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। पूछताछ में अनवर ने बताया कि लाइसेंस के लिए दस्तावेजों में खुद को सड़क ठेकेदार बताया था। लाइसेंस की प्रक्रिया एजेंट के माध्यम से पूरी की थी। टीआई के अनुसार अनवर कई बातें छुपा रहा है।
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लव जिहाद फंडिंग मामले के बाद खुला राज
अनवर के विरुद्ध पिछले साल बाणगंगा थाना में लव जिहाद के आरोपितों को फंडिंग करने के मामले में गिरफ्तारी की गई थी। आरोपित साहिल ने उसका नाम बताया था। इसके बाद शस्त्र लाइसेंस की जांच की और रामबन जिला प्रशासन की रिपोर्ट लेकर कायमी कर ली। अनवर ने एक महीने पूर्व जमानत ले ली और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।