सात फेरों के सातवें दिन दुल्हन के बाद दूल्हे ने भी दम तोड़ा, सागर जिले खुरई में बारात के लौटते वक्त हुआ था हादसा
सागर जिले के खुरई बायपास पर 22 जून को हुए सड़क हादसे ने नवविवाहित जोड़े के सपनों को तोड़ दिया।

HighLights
- शादी के पांच दिन बाद शनिवार रात दुल्हन पूजा कुशवाहा की मौत हो गई थी
- सोमवार को दूल्हे प्रहलाद कुशवाहा ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया
- इस हादसे में बारात की कार चला रहे सुरेंद्र यादव की मौके पर ही मौत हो गई थी
नवदुनिया न्यूज, सागर, खुरई। खुरई बायपास पर 22 जून को हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक नवविवाहित जोड़े के सपनों को हमेशा के लिए छीन लिया। शादी के महज पांच दिन बाद दुल्हन पूजा कुशवाहा की मौत के सदमे से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि सोमवार को दूल्हे प्रहलाद कुशवाहा ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
सबसे मार्मिक बात यह रही कि जिस दिन पूजा की खारी की तैयारी चल रही थी, उसी दिन प्रहलाद के निधन की खबर ने दोनों परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। दुर्घटना के दिन ही बारात की कार चला रहे सुरेंद्र यादव की मौत हो गई थी। इसके बाद शनिवार रात सागर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दुल्हन पूजा ने अंतिम सांस ली और अब दूल्हे प्रहलाद का भी निधन हो गया।
अपने गांव लौट रहे थे दूल्हा-दुल्हन
दूल्हे के जीजा नरेंद्र कुशवाहा की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार बीना के बेसरा गांव से विवाह के बाद नवविवाहित जोड़ा अपने स्वजन के साथ खुरई के तोड़ा काछी गांव लौट रहा था। इसी दौरान खुरई बायपास स्थित टीहर चौराहा के पास सामने से आ रही एक कार ने ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास किया। ओवरटेक के दौरान वाहन अनियंत्रित हो गया और बारातियों से भरी अर्टिगा कार से उसकी आमने-सामने भिड़ंत हो गई।
कार के दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला था
टक्कर इतनी भीषण थी कि अर्टिगा कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत कर वाहन के दरवाजे तोड़े और घायलों को बाहर निकाला। सभी को पहले खुरई सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर घायलों को सागर रेफर किया गया था। विदाई के बाद अब कभी घर नहीं पहुंचेंगे दूल्हा-दुल्हन एक सप्ताह पहले जिस घर में शादी की खुशियां, गीत-संगीत और नई जिंदगी की उम्मीदें थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है।
दूल्हा-दुल्हन वापस नहीं पहुंच पाए अपने घर
नवदंपती के साथ घटित इस त्रासदी ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। परिजनों की आंखों के सामने शादी की रस्मों की यादें अभी ताजा ही थीं कि किस्मत ने ऐसा क्रूर मोड़ लिया, जिसने दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। यह हादसा न केवल एक सड़क दुर्घटना है, बल्कि उन सपनों का अंत भी है जो सात फेरों के साथ एक नए जीवन की शुरुआत करने वाले थे। अब बारात के साथ दुल्हन की विदाई के बाद दूल्हा-दुल्हन कभी घर नहीं पहुंचेंगे।
