मध्य प्रदेश में ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार का असर, घटी सड़क दुर्घटनाएं और मौतों की संख्या
मध्य प्रदेश में ब्लैक स्पॉट्स पर किए गए सुरक्षा सुधारों से सड़क दुर्घटनाओं, मौतों और घायलों की संख्या में कमी आई है। सरकार ने 2027 तक अधिकांश सुधार का …और पढ़ें

HighLights
- जनवरी-मार्च 2026 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या घटी।
- हादसों में मौतों और घायलों की संख्या भी कम।
- प्रदेश में कुल 481 ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित किए गए।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे सुधारात्मक प्रयासों का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। सड़क दुर्घटनाओं के लिए चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर किए गए सुधार कार्यों के बाद प्रदेश में सड़क हादसों, मौतों और घायलों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने दावा किया है कि दुर्घटना-प्रवण स्थानों पर सुरक्षा उपायों को लागू करने से यह सुधार संभव हुआ है।
आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 15,278 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि वर्ष 2025 की समान अवधि में यह संख्या 16,006 थी। इसी प्रकार सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या 4,251 से घटकर 3,901 रह गई। घायलों की संख्या में भी कमी आई है और यह 17,160 से घटकर 16,550 दर्ज की गई।
481 ब्लैक स्पॉट्स की हुई पहचान
राज्य सरकार ने प्रदेशभर में कुल 481 ब्लैक स्पॉट्स की पहचान की है। इनमें से लगभग 35 प्रतिशत स्थानों पर सुधार कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इन क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण, खतरनाक मोड़ों का सुधार, संकेतक बोर्डों की स्थापना, रोड मार्किंग, लेन अनुशासन और स्पीड कंट्रोल जैसे उपाय किए गए हैं।
2027 तक अधिकांश कार्य पूरे करने का लक्ष्य
PWD अधिकारियों के अनुसार बड़े और जटिल ब्लैक स्पॉट्स के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम जारी है। शेष दुर्घटना-प्रवण स्थानों पर भी चरणबद्ध तरीके से सुधार कार्य किए जा रहे हैं। विभाग ने मार्च 2027 तक अधिकांश ब्लैक स्पॉट्स पर आवश्यक सुधार पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सड़क सुरक्षा पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में भी सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों की नियमित निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सड़क हादसों में और कमी लाई जा सके।
