Indore

भोपाल से साइकिल लेकर निकला केजी-2 का मासूम रास्ता भटका; राहगीर ने पुलिस को सौंपा, 12 घंटे बाद बच्चे को देख रो पड़े परिजन


सलामतपुर पुलिस ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर महज 12 घंटे में बच्चे के परिजनों का पता लगाया और सुरक्षित उन्हें सौंप दिया।

Publish Date: Mon, 13 Jul 2026 05:13:18 PM (IST)Updated Date: Mon, 13 Jul 2026 05:13:18 PM (IST)

भोपाल से साइकिल लेकर निकला केजी-2 का मासूम रास्ता भटका; राहगीर ने पुलिस को सौंपा, 12 घंटे बाद बच्चे को देख रो पड़े परिजन
प्रतीकात्मक फोटो, एआई से तैयार की गई है।

HighLights

  1. भोपाल से साइकिल लेकर निकला केजी-2 का मासूम रास्ता भटक गया
  2. बायपास पर अकेला घूमते देख एक जागरूक नागरिक ने पुलिस को सूचना दी
  3. पुलिस ने सोशल मीडिया से महज 12 घंटे में बच्चे के परिजनों का पता लगाया

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायसेन/सलामतपुर। भोपाल के साकेत नगर से शनिवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां रहने वाला केजी-2 कक्षा का छात्र, श्रवण कुमार धुर्वे, अचानक अपनी साइकिल लेकर घर से काफी दूर निकल गया।

मासूम श्रवण मूल रूप से डिंडोरी जिले के रनगांव का निवासी है और उसके पिता का नाम बजरु सिंह धुर्वे है। वह भोपाल में अपनी बहन हेमवती के साथ रह रहा था।

राहगीर की सर्तकता से मिला बच्चा

बच्चे के अचानक गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। जब मासूम श्रवण साइकिल चलाते हुए भोपाल बायपास पर पहुंच गया, तो वह रास्ता भटक चुका था और पैदल आगे बढ़ रहा था।

इसी दौरान विदिशा की उदयनगर कॉलोनी के निवासी अमित अहिरवार की नजर उस पर पड़ी। सुनसान और अनजान राह पर एक छोटे बच्चे को इस तरह अकेले जाते देख अमित को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने बच्चे को पास बुलाकर उससे बातचीत की और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

सोशल मीडिया प्लेटफार्म से ली मदद

अमित ने बिना समय गंवाए बच्चे को सलामतपुर पुलिस के हवाले कर दिया। बच्चे के थाने पहुंचते ही थाना प्रभारी श्यामराज सिंह ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बच्चे की फोटो और उससे जुड़ी जानकारी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म और लोकल ग्रुप्स पर वायरल करवा दी।

डिजिटल सक्रियता का परिणाम सकारात्मक रहा। इसमें थाने की महिला आरक्षक पूजा रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने के महज 12 घंटे के भीतर ही बच्चे के परिजनों तक यह खबर पहुंच गई कि उनका बेटा सलामतपुर थाने में पूरी तरह सुरक्षित है।

परिजनों की आंखों में आए खुशी के आंसू, पुलिस का जताया आभार

जैसे ही बच्चे के सलामतपुर थाने में होने की सूचना मिली, शनिवार रात में ही उसकी बहन हेमवती और परिजन सुरेंद्र सिंह थाने पहुंचे। कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने श्रवण को उसकी बहन के सुपुर्द कर दिया। श्रवण को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने पुलिस और सजग नागरिक अमित अहिरवार का आभार व्यक्त किया, जिनकी वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।

Please follow and like us:
error20
fb-share-icon584226
Tweet 20
fb-share-icon20

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)