दतिया विधानसभा उपचुनाव: मतदान की तारीख पास आते ही गरमाया राजनीतिक पारा, भाजपा और कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत
मतदान का दिन 30 जुलाई नजदीक आने के साथ ही दतिया विधानसभा उपचुनाव में इस समय राजनीतिक पारा गरमाया हुआ है। भाजपा व कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने पूरी त…और पढ़ें

HighLights
- दतिया विधानसभा उपचुनाव: मतदान की तारीख पास आते ही गरमाया माहौल
- 30 जुलाई को मतदान, आजाद समाज पार्टी और किन्नर अखाड़े ने बढ़ाई हलचल
- प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गज नेता
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मतदान का दिन 30 जुलाई नजदीक आने के साथ ही दतिया विधानसभा उपचुनाव में इस समय राजनीतिक पारा गरमाया हुआ है। भाजपा व कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। चुनाव में केवल भाजपा-कांग्रेस ही नहीं, बल्कि आजाद समाज पार्टी से दामोदर यादव और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर संजना सिंह के चुनावी मैदान में उतरने से चुनावी समीकरण दिलचस्प हो गया है।
कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने के बाद हो रहे उपचुनाव को दोनों भाजपा व कांग्रेस ने अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई बना लिया है। भाजपा के आशुतोष तिवारी के पक्ष में अब मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव मोर्चा संभालेंगे। विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद कई मंत्री और विधायक भी दतिया पहुंच रहे हैं। भाजपा ने छह मंडलों में मंत्रियों की तैनाती की है। साथ ही विधायकों को शक्ति केंद्रों का जिम्मा और बूथ स्तर पर मोर्चा-प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों को कमान सौंपी है।
वहीं कांग्रेस के घनश्याम सिंह के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी माइक्रो-मैनेजमेंट के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं। कांग्रेस ने विधानसभा सीट को 10 क्लस्टर में बांटकर पूर्व मंत्रियों और विधायकों को जिम्मेदारी सौंपी है और भाजपा की ही तर्ज पर माइक्रो-मैनेजमेंट कर रही है। स्थिति यह है कि दतिया के सभी होटल नेताओं और कार्यकर्ताओं से भर चुके हैं। अब लोगों को पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के झांसी के होटलों में ठहराया जा रहा है।
निर्णायक हैं ओबीसी व दलित मतदाता
दतिया में अन्य पिछड़ा वर्ग खास कर यादव समाज के साथ-साथ दलित मतदाताओं की संख्या काफी निर्णायक है। सांसद चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी दामोदर यादव दलित-ओबीसी गठजोड़ के सहारे बड़े वर्ग को भी साधने का प्रयास कर रहे हैं। दामोदर की सक्रियता से भाजपा के बजाए कांग्रेस को अधिक नुकसान होने की संभावना है। पारंपरिक रूप से क्षेत्र का यादव और वंचित वर्ग कांग्रेस का बड़ा वोट बैंक रहा है। दामोदर यादव की सक्रियता से इस वोट बैंक में बिखराव संभावित है। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
इधर, ट्रांसजेंडर सरकारी कर्मचारी रहीं संजना सिंह (संजना माई) ने नौकरी छोड़कर अध्यात्म अपनाया और अब चुनावी रण में उतरी हैं। संजना सिंह किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर हैं, इसलिए धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से जनता के बीच पैठ बनाने का प्रयास कर रही हैं।
संजना खुलकर हिंदुत्व और मां पीतांबरा के आशीर्वाद का प्रचार कर रही हैं। इससे भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगने का खतरा है, जो भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के लिए चुनौती बन सकता है। राजनीतिक दलों और भ्रष्टाचार से नाराज बदलाव चाहने वाले न्यूट्रल मतदाताओं पर संजना उम्मीद कर रही हैं।
अब प्रचार में तेजी लाएगी भाजपा
दतिया उपचुनाव में भाजपा अपने चुनावी अभियान को गति देने में जुट गई है। 24 जुलाई शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया दतिया आ रहे हैं। सीएम डा. मोहन यादव के 25 जुलाई को दतिया आने की संभावना है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दतिया में लगातार पार्टी बैठक कर रहे हैं। सीएम यादव दतिया में व्यापारी वर्ग के साथ बड़ी बैठक करेंगे। 27 जुलाई को सीएम रोड शो व आमसभा भी करेंगे। दतिया उपचुनाव फतह करने के लिए भाजपा के तीन दर्जन से अधिक विधायक, मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, विभिन्न निगम मंडल व प्राधिकरणों के अध्यक्ष दतिया में डेरा डाले हुए हैं।
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