नरेंद्र सिंह तोमर के ‘गुलाटी मारने’ वाले बयान पर मचा बवाल, कुशवाह समाज और कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। दिमनी के विधायक और मप्र विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कुशवाह को गुलाटी मारने वाला और खुद की विश्वसनीयता को खंडित करने वाला कह दिया। इस बयान पर अब मुरैना से लेकर भोपाल तक के राजनीतिक गलियारों में हल्ला मच गया है। कुशवाह समाज के पूर्व विधायक, जनप्रतिनिधि व समाजसेवियों ने विस अध्यक्ष के बयान पर कड़ी आपत्ति लेकर सबक सिखाने तक की बात कह रहे हैं। उधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी विस अध्यक्ष के बयान को पिछड़ा वर्ग विरोधी बता दिया।
भाजपा जिलाध्यक्ष के घर कार्यक्रम में तोमर का बयान: कहा- ‘एक खूंटे से बंधकर रहने पर ही रहती है प्रतिष्ठा’
शुक्रवार को भाजपा के मुरैना जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह के आवास पर कुशवाह समाज का एक कार्यक्रम रखा गया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों कुशवाह लोग थे। इतनी भीड़ को देख विस अध्यक्ष ने कहा, कि मुझे लगा कि जिलाध्यक्ष कमलेश ने दो-चार लोगों के साथ चाय पर बुलाया है, पर यहां इतने लोगों के दर्शन होंगे यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। इसके बाद विस अध्यक्ष ने कहा, कि एक समय था जब कुशवाह समाज को भाजपा का समर्थक समाज मानते थे। जब बसपा जैसी पार्टियों का जन्म भी नहीं हुआ था, उस कालखंड में भाजपा ने कालीचरण कुशवाह को टिकट दिया, जब कोई पार्टी कल्पना भी नहीं कर सकती, कि कुशवाह समाज को टिकट देना है।
पदाधिकारी का तो समय होता है, एक समय के बाद बदल जाता है, लेकिन भाजपा का कार्यकर्ता सदैव रहता है। भाजपा कुशवाह समाज के प्रति समर्पित रही है, लेकिन यह बात अलग है, कि बीच-बीच में कुशवाह समाज थोड़ा इधर-उधर गुलाटें खाता रहा और उसके कारण आपने अपनी विश्वसनीयता को खंडित किया। लोकतंत्र में सवाल इस बात का है, कि पूछ और प्रतिष्ठा उसी की रहती है, जो एक खूंटे से बंधकर रहता है, रहती है, कि नहीं रहती। इस बयान पर विस अध्यक्ष तोमर का सोशल मीडिया पर विरोध बढ़ता जा रहा है, दूसरी तरफ भाजपा समर्थक कुशवाह समाज के जनप्रतिनिधि भी फेसबुक-इंस्टाग्राम पर विस अध्यक्ष के समर्थन में पोस्ट कर रहे हैं।
नेताओं के बयान और प्रतिक्रियाएं
विस अध्यक्ष मेरे निवास पर पारिवारिक कार्यक्रम में समाज के बंधुओं से मिले थे। उन्होंने भाजपा में काम करने वाले कुशवाह समाज के लोगों को पार्टी काम के लिए प्रेरित करते हुए समाज के वरिष्ठ नेता रहे कालीचरण कुशवाह का उदाहरण दिया, कि उन्हें पार्टी ने तीन टिकट दिए, संगठन अध्यक्ष भी बनाया। कालीचरण को मरने के बाद भी पार्टी में सम्मान मिलता है। कुशवाह समाज के जो लोग इधर-उधर चले जाते हैं, उनका सम्मान नहीं होता। कांग्रेसियों ने इस मामले को अलग तरीके से पेश कर विवाद खड़ा करने का षड्यंत्र रचा था, समाज हमारा समझदार है, वह सब समझता है। – कमलेश कुशवाह, भाजपा जिलाध्यक्ष
नरेंद्र सिंह तोमर और उनकी पार्टी संविधान विरोधी, लोकतंत्र विरोधी, इंसानियत विरोधी, आरक्षण विरोधी, छात्रवृत्ति विरोधी, स्कूल बंद कर शिक्षा विरोधी, अनुसूचित जाति-जनजाति व अल्पसंख्यक विरोधी, हमारे महापुरुषों की विचारधारा की विरोधी है। पिछले साल कुशवाह समाज के 85-86 निर्दोष लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई, फिर भी आप उम्मीद करते हैं, कि कुशवाह समाज आपके खूंटे से बंधकर रहे, तो नहीं तोमर साहब नहीं। कुशवाह समाज के प्रति विस अध्यक्ष की इस सोच की निंदा करता हूं, समाज से अपील करता हूं कि समय आने पर इसका जवाब दिया जाए। – बैजनाथ कुशवाह, पूर्व विधायक, सबलगढ़
कुशवाह समाज एक जगह वोट नहीं देता, गुलाटी खा जाता है, एक खूंटे से बंधा नहीं रहता। यह एक बयान नहीं है, बल्कि पूरे समाज के आत्मसम्मान पर सीधा वार किया है। आप भूल गए हो, मुरैना-श्योपुर से जीतकर संसद तक पहुंचे, तब कुशवाह समाज के एक-एक वोट का समर्पण व योगदान रहा है। आपको शर्म आनी चाहिए, आप उस समाज को दलबदलू बोल रहे हो। इसमें हमारे समाज के जो दलाल नेता हैं, जो आपके गुलाम हैं, चाटुकारिता कर रहे हैं, उनकी भी गलती है, वरना विस अध्यक्ष कौन होते हैं दलबदलू बोलने वाले। यह समाज गुलाटी खाता नहीं, गुलाटी खिलाता है। नेताजी सोच-समझकर बोला कीजिए। – रंजेश कुशवाह, प्रदेश अध्यक्ष, कुशवाह समाज महिला मोर्चा
नरेंद्र सिंह तोमर चाहते हैं कि पूरा समाज उनके खूंटे से बंधकर रहे, मैं उनसे कहना चाहता हूं आप और आपकी पार्टी संविधान विरोधी है। कुशवाह समाज में कुछ लोग दलाल चाटुकार हैं, लेकिन पूरा समाज दलाल-चाटुकार नहीं है। यह समाज वो है जो स्वाभिमान की जिंदगी जीना चाहता है, कुशवाह समाज किसी तरह से कमजोर नहीं है। कुशवाह समाज को गुलाम बनाने की तैयारी चल रही है। यह समाज पिछड़ा वर्ग के साथ मिलकर संविधान विरोधी ऐसी ताकतों को हराएगा। – सोनेराम कुशवाह, पूर्व विधायक, जौरा