सर, आइये केबिन में चलकर देखते हैं, मैंने इतना कहा और वो मुझे पीटने लगे, राजगढ़ में भाजपा के तीन नेताओं पर डॉक्टर से मारपीट का आरोप
राजगढ़। जिला अस्पताल में पदस्थ सर्जिकल विशेषज्ञ डा अंकुर देशवाली के साथ पूर्व विधायक रघुनंदन शर्मा, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष केपी पंवार व भाजपा नेता श्याम गुर्जर द्वारा अभद्रता करते हुए मारपीट की है, साथ ही अस्पताल में ही बंधक बनाया गया है। डॉक्टर ने एसपी अमित कुमार तोलानी से लिखित शिकायत की है!
एसपी को दिए आवेदन में डाॅक्टर देशवाली ने आरोप लगाते हुए कहा है मैं सिविल अस्पताल सारंगपुर में ‘सर्जिकल विशेषज्ञ’ के पद पर पदस्थ हूँ। वर्तमान में, मैं तीन दिवसीय विशेष शासकीय कर्तव्य (ड्यूटी) हेतु जिला चिकित्सालय, राजगढ़ में अपनी सेवाएँ दे रहा हूँ। कहा कि 24 जून को मैं जिला चिकित्सालय राजगढ़ में अपनी शासकीय सेवा पर था, तब मेरे मोबाइल पर रघुनंदन शर्मा का फोन आया।
मैंने शासकीय मर्यादा के अनुरूप उनसे शालीनता से कहा कि “सर, मैं अस्पताल में हूँ, आप वहीं आ जाइए, मैं आपको देख लूँगा।”इसके पश्चात में मुख्य ओपीडी बिल्डिंग के पास स्थित ट्रॉमा सेंटर के बाहर खड़ा था, उसी दौरान श्री रघुनंदन शर्मा, श्याम गुर्जर और केपी पँवार वहाँ मौजूद थे और मुझे मिले।
मैंने उनसे आग्रह किया कि “सर, आइए हम अपने केबिन में चलकर देखते हैं, इस पर वे अचानक उग्र हो गए और केबिन में जाने से मना करते हुए, मुझे वहीं ट्रॉमा सेंटर के बाहर सड़क पर ही चिकित्सीय परीक्षण करने का अनुचित दबाव बनाने लगे तथा धमकी देने लग गए।
नियम विरुद्ध घुसे ओटी में
उक्त अभद्रता के बाद मैं गंभीर मरीजों के उपचार ऑपरेशन हेतु जिला चिकित्सालय के द्वितीय तल पर स्थित ओटी कॉम्प्लेक्स में चला गया और मरीजों का परीक्षण व इलाज करने लगा।
इसी बीच रघुनंदन शर्मा, श्याम गुर्जर, केपी. पवार अपने साथ एक पूरी अनियंत्रित भीड़ लेकर, चिकित्सालय के नियमों व अति-संवेदनशील सुरक्षा प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए, जबरन सेकंड फ्लोर स्थित ओटी कॉम्प्लेक्स के भीतर घुस आए।
अस्पताल का माहौल खराब हो गया। उक्त सभी व्यक्तियों ने ओटी कॉम्प्लेक्स के भीतर घुसकर अत्यंत अभद्र भाषा का प्रयोग किया और भारी उपद्रव मचाया।
इस अचानक हुए शोर-शराबे, गाली-गलौज और उग्र हंगामे के कारण वहां उपस्थित मरीजों और उनके परिजनों में भारी असुविधा, घबराहट और एक भय का माहौल पैदा हो गया।
शासकीय कार्य में बाधा, बंधक बनाने का प्रयास
आवेदन में कहा कि इन उपद्रवियों ने चिल्लाते हुए मुझसे कहा, “तुम्हारी ओटी चल रही है तो क्या हुआ? तुमने मुझे नीचे क्यों नहीं देखा? तुम्हें नीचे आकर ही देखना पड़ेगा।”
इस बीच आरोपी गुर्जर एवं पवार ने शासकीय कर्तव्य पर तैनात मुझे (चिकित्सक) को जबरन हाथ पकड़कर खींचने का प्रयास किया, मुझसे झूमाझटकी की और गंभीर परिणाम भगतने की धमकी दी।
जब मैंने परिस्थिति को भांपते हुए उनसे कहा कि “मैं इस विषय में सीधे सिविल सर्जन बात करूँगा,” तो आरोपियों ने मुझे ओटी कॉम्प्लेक्स के उसी कमरे में बंद कर बंधक बनाने का प्रयास किया। मैं किसी प्रकार शासकीय कक्ष से अपनी जान बचाकर और खुद को सुरक्षित करके वहाँ से बाहर निकल पाया।
शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने, शासकीय सेवक पर हमला करने, अस्पताल परिसर में भय का माहौल बनाकर मरीजों व बच्चों को खतरे में डालने तथा बंधक बनाने के प्रयास की गंभीरता को देखते हुए दोषी व्यक्तियों रघुनंदन शर्मा, श्याम गुर्जर, के. पी. पवार एवं उनके अन्य साथियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर कठोर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई करने की कृपा करें।
