सोशल मीडिया की रिच बढ़ाने के लिए एआई से बनाया हाईकोर्ट की कार्यवाही का फर्जी वीडियो, गिरफ्तार
इस वीडियो में न्यायालय के विरुद्ध आपत्तिजनक व अमर्यादित टिप्पणी दिखाई गई, जिसे आरोपित ने अपने फेसबुक और एक्स (ट्विटर) अकाउंट से वायरल किया।

HighLights
- एआई से बनाया कोर्ट वीडियो कान्फ्रेंसिंग का फर्जी वीडियो।
- अभद्र टिप्पणी करने पर आरोपित को गिरफ्तार किया गया।
- लोकप्रियता बढ़ाने के लिए फर्जी वीडियो किया था वायरल।
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिंगरौली। उच्च न्यायालय जबलपुर की एआइ से फर्जी वीडियो कान्फ्रेंसिंग तैयार कर न्यायालय के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले आरोपित को सिंगरौली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपित को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, अमित कुमार तिवारी (26), निवासी पिपरा झांपी ने उच्च न्यायालय जबलपुर की वीडियो कान्फ्रेंसिंग का असत्य (फर्जी) वीडियो तैयार किया। इस वीडियो में न्यायालय के विरुद्ध आपत्तिजनक व अमर्यादित टिप्पणी दिखाई गई, जिसे आरोपित ने अपने फेसबुक और एक्स (ट्विटर) अकाउंट से वायरल किया।
इस मामले का संज्ञान उच्च न्यायालय जबलपुर ने स्वयं लेते हुए छह जुलाई को आरोपित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों के पालन में थाना सिविल लाइन, जबलपुर में जीरो पर एफआईआर दर्ज कर प्रकरण थाना बैढ़न भेजा गया। बैढ़न थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया।
पुलिस टीम ने आरोपित को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपित ने स्वीकार किया कि उसने अपने सोशल मीडिया पेज की लोकप्रियता बढ़ाने के उद्देश्य से फर्जी वीडियो तैयार कर वायरल किया था। पुलिस ने वीडियो बनाने में प्रयुक्त इलेक्ट्रानिक उपकरण भी जब्त कर लिए हैं।
गिरफ्तारी में निरीक्षक अशोक सिंह परिहार, उपनिरीक्षक शिवम सिंह, उपनिरीक्षक शीतला यादव, उपनिरीक्षक पवन सिंह, सहायक उपनिरीक्षक पप्पू सिंह, सहायक उपनिरीक्षक अरविंद द्विवेदी, प्रधान आरक्षक अजीत सिंह, आरक्षक गौतम कुमार एवं संदीप डोडवे का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
