Indore

भोपाल के सांदीपनि विद्यालयों से नाम कटवा रहे छात्र; क्योंकि स्कूलों में न अंग्रेजी की किताबें पहुंचीं, न प्राथमिक शिक्षक


सांदीपनि विद्यालयों में पर्याप्त व्यवस्था और अंग्रेजी माध्यम की नियमित कक्षाएं शुरू नहीं होने से कई विद्यार्थी प्रवेश निरस्त कर निजी स्कूलों की ओर लौट…और पढ़ें

Publish Date: Wed, 01 Jul 2026 09:37:24 AM (IST)Updated Date: Wed, 01 Jul 2026 09:37:24 AM (IST)

भोपाल के सांदीपनि विद्यालयों से नाम कटवा रहे छात्र; क्योंकि स्कूलों में न अंग्रेजी की किताबें पहुंचीं, न प्राथमिक शिक्षक
फाइल फोटो।

HighLights

  1. पर्याप्त व्यवस्था और अंग्रेजी माध्यम की नियमित कक्षाएं शुरू नहीं हो सकीं
  2. कई विद्यार्थी प्रवेश निरस्त कर निजी स्कूलों की ओर लौट रहे हैं
  3. पहली से आठवीं तक की अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकें स्कूलों में नहीं पहुंची

नईदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल।प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी सांदीपनि विद्यालय योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण और अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके तहत प्रदेश के 275 सरकारी विद्यालयों का चयन किया गया है, जिनमें राजधानी के आठ विद्यालय भी शामिल हैं।

हालांकि योजना के क्रियान्वयन में कई समस्याएं सामने आ रही हैं। कहीं भवन की कमी है तो कहीं अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। सबसे अधिक परेशानी सांदीपनि विद्यालय महात्मा गांधी में देखने को मिल रही है।

छात्रों, अभिभावकों में निराशा

विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा की उम्मीद लेकर बड़ी संख्या में निजी स्कूलों से विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था, लेकिन सत्र शुरू होने के बाद भी अपेक्षित व्यवस्था नहीं बन पाने से अभिभावक निराश हैं। अंग्रेजी माध्यम की नियमित पढ़ाई नहीं होने के कारण कई विद्यार्थी नाम कटवाने लगे हैं।

हालांकि कई सांदीपनि विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम की सीटें खाली रह गई है। सांदीपनि विद्यालयों के प्राचार्यों का कहना है कि सांदीपनि विद्यालयों के लिए शिक्षकों का चयन परीक्षा के आधार पर किया गया है और उन्हें अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।

भवन तोड़ने के आदेश के बाद दो पालियों में लगेगा स्कूल

विद्यालय की एक और बड़ी समस्या भवन को लेकर सामने आई है। माध्यमिक कक्षाओं के भवन को तोड़ने के लिए विभागीय आदेश जारी हो चुके हैं। इसके चलते पहली बार विद्यालय को दो पालियों में संचालित करने की तैयारी की गई है।

पहली पाली सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होगी, जिसमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई होगी। वहीं दूसरी पाली दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी, जिसमें माध्यमिक कक्षाओं का संचालन किया जाएगा।

प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षकों का टोटा

विद्यालय में प्राथमिक कक्षाओं के लिए शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। स्कूल प्रबंधन द्वारा कई बार विभाग को पत्र लिखकर अतिरिक्त शिक्षकों की मांग की गई है, लेकिन अब तक न तो नियमित नियुक्ति हुई है और न ही अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की जा सकी है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

अंग्रेजी माध्यम की किताबें भी नहीं पहुंचीं

सांदीपनि विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी माध्यम की पाठ्य पुस्तकें भी अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। शिक्षकों का कहना है कि पुस्तकें नहीं मिलने और पाठ्यक्रम पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने के कारण अध्यापन कार्य प्रभावित हो रहा है। इससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र शुरुआती दौर में ही पिछड़ने लगा है।

जितने सेट आए हुए थे।उनकी किताबें स्कूलों तक अप्रैल के प्रथम में ही भेज दी गई थीं। कुछ किताबें शेष हैं, जो आएंगी तो तत्काल बच्चों को उपलब्ध कराई जाएगी।- नरेन्द्र अहिवार, जिला शिक्षा अधिकारी

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