बैतूल में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में उतरे दो भाइयों की मौत, बचाव के दौरान दम घुटने से एक मजदूर गंभीर
बुधवार शाम संजय सेटरिंग खोलने के लिए टैंक में उतरा। देर तक ऊपर नहीं आया तो उसका बड़ा भाई विजय टैंक में घुसा। वह भी वापस नहीं आया तो उनका मजदूर मुकेश प …और पढ़ें

HighLights
- एक महीने से बंद निर्माण की सेटरिंग खोलने उतरे थे।
- उसने लोगों को बुलाया, तब तक वह भी बेहोश हो गया।
- डाॅक्टर ने संजय एवं विजय को मृत घोषित कर दिया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुलताई/बैतूल। निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में उतरे दो भाइयों की दम घुटने से मौत हो गई। बचाव के दौरान एक तीसरा मजदूर भी अचेत हो गया। जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया गया कि मुलताई के भगतसिंह वार्ड निवासी ओमप्रकाश परमंडल के मकान में सेप्टिक टैंक बन रहा था। उसमें डिवटिया निवासी विजय पंवार (38) तथा संजय (30) की सेटरिंग लगी थी।
बुधवार शाम संजय सेटरिंग खोलने के लिए टैंक में उतरा। देर तक ऊपर नहीं आया तो उसका बड़ा भाई विजय टैंक में घुसा। वह भी वापस नहीं आया तो उनका मजदूर मुकेश परिहार (30) ने टैंक में झांककर देखा। वहां दोनों भाई फर्श पर गिरे दिखे।
उसने शोर मचाकर लोगों को बुलाया, तब तक वह भी बेहोश हो गया। लोगों ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया जहां डाॅक्टर ने संजय एवं विजय को मृत घोषित कर दिया।
प्राथमिक उपचार के बाद मुकेश को जिला अस्पताल रेफर किया गया। बीएमओ गजेंद्र मीणा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
बताया गया कि सेप्टिक टैंक का ढांचा पिछले एक महीने से बंद था। अंदेशा है कि बंद ढांचे में जहरीली गैस जमा हो जाने से ऐसा हुआ होगा।
