‘बुलेट ट्रेन की तरह भाग रहा स्मार्ट मीटर, 8 से 10 गुना बढ़ा बिजली बिल’; मंदसौर में लोग सड़कों पर उतरे
मंदसौर में स्मार्ट मीटर से बिजली बिल 8 से 10 गुना बढ़ने पर सैकड़ों लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। …और पढ़ें

HighLights
- मंदसौर में महिलाओं-पुरुषों ने गांधी चौराहे से सरदार पटेल चौराहे तक रैली निकाली
- घर व उपकरण वही हैं, फिर भी बिल 100 रुपये से बढ़कर 800-10000 रुपये आ रहे
- स्मार्ट फोन न होने पर डिटेल नहीं दिखती, एसएमएस से ही राशि पता चलती है
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा शहर में लगाए गए स्मार्ट मीटर को लेकर अब लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को सैकड़ों लोग इसके विरोध में सड़कों पर आ गए। उनका कहना है कि घर वही, बिजली के उपकरण वही़ इसके बाद भी मीटर बदलते ही आठ से दस गुना तक बिजली के बिल बढ़ रहे हैं।
गांधी चौराहे पर एकत्र हुए महिला-पुरुषों ने सरदार पटेल चौराहे तक रैली निकाली। वहां कुछ देर रास्ता जाम भी किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों से बहस भी हुई। बाद में 30 जून तक समस्याओं को हल करने की चेतावनी देकर विद्युत कंपनी के अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा।
एसएमएस से राशि की सूचना मिल रही
शहर के लगभग सभी क्षेत्रों में विद्युत कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं। बिल भी अरनलाइन भेज रहे हैं जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है, वे डिटेल भी नहीं देख सकते हैं केवल एसएमएस से राशि की सूचना मिल रही है और उसे जमा करना पड़ रहा है क्योंकि निश्चित तारीख तक रुपये जमा नहीं होने पर वह सीधे बंद हो जाता है। आठ से दस हजार रुपये तक बिल मिलने से परेशान लोग पहले भी एक बार रैली निकाल चुके हैं।
बुधवार को जिपं सदस्य दीपक सिंह गुर्जर के नेतृत्व में सैकड़ों महिला-पुरुषों ने जनआंदोलन कर विरोध दर्ज कराया। गांधी चौराहे से सरदार पटेल चौराहा तक पैदल मार्च किया। पटेल चौराहे पर रास्ता जाम कर कुछ देर के लिए रास्ता बंद कर दिया।
दीपक सिंह गुर्जर सहित वहां मौजूद लोगों ने अधिकारियों से विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में बढ़ोतरी हो रही है। यह आमजन की जेब पर भारी बोझ है। इन मीटर की रीडिंग और पल्स रेट को लेकर उपभोक्ताओं में असमंजस है। बिना पूर्व सूचना के कनेक्शन कटने की शिकायतें भी बढ़ रही हैं।
अनुमति नहीं ली हट जाओ, गुर्जर बोले सभी यही बैठे रहो
रैली के सरदार पटेल चौराहे पर पहुंचते ही महिलाओं व पुरुषों ने पूरे चौराहे पर बैठकर वाहनों को रोक दिया। लगभग 10 से 15 मिनट तक चक्काजाम चलता रहा। इधर सीएसपी जितेंद्र भास्कर ने जिपं सदस्य दीपक सिंह गुर्जर से कहा कि चौराहे पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं ली गई है सभी को तत्काल हटाया जाए।
इस पर गुर्जर माइक से बोले कि सभी को हटने के लिए बोल रहे हैं पर किसी को हटना नहीं है। बाद में वहां पर आए विद्युत कंपनी के अधिकारी हर समस्या पर यही बोले कि कंपनी के मुख्यालय पर अवगत करा देंगे।
ये मांगें रखीं आमजन ने
- वर्तमान बिजली बिलों में जो बढ़ी हुई राशि को संशोधित कर नए बिल दिए जाएं।
- बिल जमा करने की अंतिम तारीख में बदलाव कर 30 जून की जाए।
- सोलर प्लेट लगाने के बाद भी उपभोक्ताओं के हजारों रुपये के बिल आ रहे फिर योजना में लाखों रुपये निवेश कराने का क्या फायदा हुआ।
- स्मार्ट मीटरों को तत्काल हटाकर पुनः पुराने और विश्वसनीय मीटर स्थापित किए जाएं।
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पहले कभी बिल 100 रुपये से ज्यादा नहीं आया
मेरी मम्मी अकेली रहती हैं, पापा नहीं रहे हैं। 600 रुपये की पेंशन मिलती है और घर का बिजली बिल 800 रुपये आ रहा है, जबकि पहले कभी भी बिजली बिल 100 रुपये से ज्यादा नहीं आया। अब वह 600 रुपये में 800 रुपये का बिजली बिल कैसे जमा करें। – इंदू सोनी
45 दिन की रीडिंग पर बिल वसूल रहे
स्मार्ट मीटर पूरे देश की समस्या है। बिजली बिल तो ऐसे आ रहे हैं। अभिनंदन नगर क्षेत्र में 45 दिन की रीडिंग पर बिल वसूल रहे हैं। यह गलत है या तो 30 दिन का बिल दो या 15 दिन का अलग से दिया जाए। अब मीटर रीडर भी नहीं आ रहे हैं। तो लोगों को कैसे पता चलेगा कि कितनी रीडिंग है। यह सभी लोगों की समस्या है इसमें कोई राजनीति नहीं होना चाहिए। स्मार्ट मीटर तेजी से भाग रहे हैं। – दीपक चौहान, जिपं सदस्य
खपत नहीं बढ़ी, फिर भी बढ़ गया बिजली बिल
इतनी तपती धूप में यह सभी लोग मजबूर होकर सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं। पूरे मप्र में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल आठ से दस गुना तक ज्यादा आ रहे हैं। जबकि खपत कोई ज्यादा ही नहीं बढ़ी है। जो लोग मजदूरी करते हैं दिन भर में कोई उपयोग नहीं करते हैं रात में एक पंखा व बल्ब चलाते हैं। पर इनके यहां बिल काफी ज्यादा आ रहा है। – रूपल संचेती
