इंस्टाग्राम पर नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाकर लाखों रुपये व जेवर हड़पे, देवास पुलिस ने किया गिरफ्तार
एक भोली-भाली बालिका ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर अनजान व्यक्ति से दोस्ती की। दोस्ती इतनी आगे बढ़ी कि आरोपित ने उसे शादी करने का झांसा द …और पढ़ें

HighLights
- पुलिस ने आरोपी और एक महिला को किया गिरफ्तार
- आरोपी ने उसे शादी करने का झांसा देकर लाखों रुपये और आभूषण ले लिए
- खुलासा तब हुआ जब बालिका के दादाजी ने अपने खाते से लाखाें रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन को पकड़ा
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। इंटरनेट मीडिया पर मासूम बालिकाओं को को निशाना बनाकर ठगी का सनसनीखेज मामला देवास में सामने आया है। एक भोली-भाली बालिका ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर अनजान व्यक्ति से दोस्ती की। दोस्ती इतनी आगे बढ़ी कि आरोपित ने उसे शादी करने का झांसा देकर लाखों रुपये और आभूषण ले लिए। खुलासा तब हुआ जब बालिका के दादाजी ने अपने खाते से लाखाें रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन को पकड़ा। मामले में पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद एक महिला सहित दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
औद्योगिक थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 3 जून को थाने में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के अनुसार उसकी 16 वर्षीय नाबालिग पोती के माध्यम से उसके बैंक खाते से बड़ी राशि स्थानांतरित कर दी गई है। बैंक विवरण की जांच करने पर पता चला कि खाते में मात्र 19 रुपये ही बचे हैं। लगभग 8 से 10 लाख रुपये आशीष उर्फ जैकब डामोर नामक युवक के खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
पूछताछ में नाबालिग बालिका ने बताया कि उसकी पहचान दिसंबर 2024 में इंस्टाग्राम के माध्यम से आरोपित आशीष डामोर से हुई थी। आरोपित ने विवाह का झांसा देकर विश्वास अर्जित किया तथा रुपये दोगुना कर वापस करने का लालच देकर उससे दादा-दादी के बैंक खातों से रुपये अपने खाते में स्थानांतरित करवा लिए। आरोपित ने घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण भी हासिल कर लिए और बाद में संपर्क समाप्त कर दिया।
ऑनलाइन गेमिंग में हारा रुपये
इस सनसनीखेज मामले में टीआइ शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपित 24 वर्षीय आशीष उर्फ जैकब डामोर पुत्र जोसेफ डामोर निवासी न्यू इंद्रानगर उज्जैन, वर्तमान निवास ओम साईं विहार देवास को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि धोखाधड़ी से हासिल संपत्ति का कुछ हिस्सा अपनी बहन को दिया था। धोखाधड़ी से मिलेे रुपयों को आरोपित ने आनलाइन गेमिंग की लत के चलते गवां दिया। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। प्रकरण का खुलासा करने में पुलिस टीम के उपनिरीक्षक गौरव नगावत, प्रधान आरक्षक सुरेश धाकड़, आरक्षक लक्ष्मीकांत शर्मा एवं महिला आरक्षक स्वप्निल की भूमिका रही।
बच्चे व स्वजन रखें ध्यान
पुलिस ने इंटरनेट मीडिया पर धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए एडवायजरी भी जारी की है। पुलिस के अनुसार –
- इंटरनेट मीडिया पर बने रिश्तों पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें।
- विवाह, नौकरी, निवेश अथवा रुपये दोगुना करने जैसे प्रलोभनों से सावधान रहें।
- नाबालिग बालक-बालिकाओं की आनलाइन गतिविधियों एवं इंटरनेट मीडिया संपर्कों पर नियमित निगरानी रखें।
- बैंक खाते, ओटीपी, पासवर्ड एवं वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या आनलाइन धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन अथवा निकटतम पुलिस थाने में सूचना दें।
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