नागपुर में रैपिडो पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, संस्थापकों समेत अधिकारियों पर दो FIR दर्ज
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नागपुर: नागपुर में बाइक टैक्सी सेवा संचालित करने वाली रैपिडो (Rapido) के खिलाफ परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आरोप है कि कंपनी ने आवश्यक वैध अनुमति और लाइसेंस के बिना ऐप के माध्यम से दोपहिया वाहनों से यात्री परिवहन कराया। इस मामले में कंपनी के संस्थापकों समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिवहन विभाग के मोटर वाहन निरीक्षकों की शिकायत पर सीताबर्डी और कलमना पुलिस थानों में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।
शिकायत के अनुसार, परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जांच के दौरान रैपिडो ऐप के माध्यम से बाइक टैक्सी बुक कर दस्तावेजों की जांच की। जांच में कथित तौर पर राइडर्स के पास यात्री परिवहन के लिए आवश्यक वैध अनुमति और लाइसेंस संबंधी दस्तावेज नहीं पाए गए।
एफआईआर में कंपनी के संस्थापक ऋषिकेश एस. आर., पवन गुटुपल्ली और अरविंद साका सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के नाम शामिल हैं। आरोप है कि कंपनी ने ऐप के माध्यम से बिना वैध अनुमति यात्री परिवहन को बढ़ावा देकर परिवहन नियमों का उल्लंघन किया।
परिवहन विभाग ने यह भी आरोप लगाया है कि राइडर्स के सत्यापन और आवश्यक पंजीकरण प्रक्रिया में भी अनियमितताएं पाई गईं। विभाग का कहना है कि इससे यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न होती हैं।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि कथित अनियमितताएं कितने समय से चल रही थीं और उनके लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं।
रैपिडो के खिलाफ दर्ज इन दो एफआईआर के बाद महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी सेवाओं की वैधता, नियमन और सुरक्षा मानकों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। अब इस मामले में पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।



