धार भोजशाला विवाद: पीछे की जमीन पर नमाज के लिए मुस्लिम पक्ष राजी, आज सुबह 11 बजे तय होगा स्थान, प्रशासन अलर्ट मोड पर
Dhar Bhojshala Dispute: भोजशाला मामले में मुस्लिम पक्ष ने निर्धारित स्थान पर नमाज की सहमति जताई है। अंतिम निर्णय सुबह 11 बजे स्थल निरीक्षण के बाद होगा…और पढ़ें

HighLights
- मुस्लिम पक्ष सुबह 11 बजे स्थल का निरीक्षण करेगा पहले।
- प्रशासन निर्धारित स्थान पर नमाज की तैयारी कर रहा है।
- लगातार बारिश से नमाज स्थल की जमीन गीली बनी हुई।
नईदुनिया प्रतिनिधि, धार। Dhar Bhojshala Dispute: ऐतिहासिक भोजशाला परिसर से जुड़े मामले में देर रात प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा हुई। चर्चा के बाद मुस्लिम पक्ष ने भोजशाला के पीछे निर्धारित स्थान पर नमाज अदा करने की सहमति जताई है। हालांकि अंतिम निर्णय से पहले मुस्लिम समाज सुबह 11 बजे प्रशासन से स्थल की स्थिति से अवगत होना चाहता है।
कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के सदर अब्दुल समद ने कहा कि प्रशासन सुबह 11 बजे उस स्थान की स्थिति दिखाएगा, जहां नमाज की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि लगातार वर्षा के कारण जमीन गीली है। ऐसे में स्थल की वास्तविक स्थिति देखने और प्रशासन की व्यवस्थाओं की जानकारी मिलने के बाद ही मुस्लिम पक्ष अपनी अंतिम स्थिति स्पष्ट करेगा।
5 अगस्त की सुनवाई का इंतजार
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश उनके पक्ष में आया है और वे इसे अपनी जीत मानते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अब 5 अगस्त को प्रस्तावित सुनवाई की तैयारी की जा रही है और उन्हें न्यायालय से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।
निजी कृषि भूमि पर नमाज की अनुमति नहीं दी जाए- स्थानीय
इधर, जिस स्थान पर नमाज की तैयारी की जा रही है, उसे लेकर देर रात स्थानीय रहवासियों ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि संबंधित भूमि उनकी निजी कृषि भूमि है और वहां नमाज की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
सुबह 11 बजे पर टिकी सभी की नजर
इन घटनाक्रमों के बीच अब सभी की नजर सुबह 11 बजे पर टिकी है, जब प्रशासन मुस्लिम पक्ष को स्थल की स्थिति से अवगत कराएगा। इसके बाद दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज अदा हो पाएगी या नहीं, इस पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम
उधर, पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम को लेकर सतर्क हैं। सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दोनों पक्षों के आवागमन की अलग-अलग व्यवस्थाएं की जा रही हैं। साथ ही वर्षा के कारण गीली जमीन को नमाज के लिए उपयुक्त बनाने की तैयारियां भी प्रशासन द्वारा की जा रही हैं।
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