ग्वालियर के सरकारी अस्पतालों में ORS का संकट: गर्मी में तप रहे मरीज, डॉक्टर दे रहे सलाह पर दवा काउंटर खाली
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े स्थिति की गंभीरता को साफ दर्शाते हैं। …और पढ़ें

HighLights
- मुरार जिला अस्पताल बेहाल
- 900 की ओपीडी, लेकिन दवा भंडार में सन्नाटा
- जनगणना ड्यूटी के चक्कर में खाली हुआ कोटा
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गर्मी के कारण अस्पतालों में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी), उल्टी-दस्त, चक्कर आने और कमजोरी से पीड़ित मरीजों की तादाद हर दिन रिकार्ड तोड़ रही है। ऐसे में मरीजों के लिए अमृत मानी जाने वाली सबसे जरूरी ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) ही सरकारी अस्पतालों से गायब हो चुका है। डॉक्टर मरीजों को ओआरएस पीने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन अस्पताल में स्टाक न होने के कारण मरीजों को बाजार से खरीदना पड़ रहा है।
बता दें, इस मामले में मुरार जिला अस्पताल की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां हर दिन ओपीडी में 800 से 900 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें से सबसे बड़ी संख्या मेडिसिन विभाग के मरीजों की है। गर्मी की मार झेलकर अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीजों के शरीर में पानी की भारी कमी पाई जा रही है। डॉक्टर तुरंत उन्हें ओआरएस लेने को कह रहे हैं, लेकिन जैसे ही मरीज दवा वितरण केंद्र पर पहुंचता है, उसे स्टाक नहीं है कहकर लौटा दिया जाता है।
जिला अस्पताल में 480 पैकेट, सीएमएचओ स्टोर में सिर्फ 49
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े स्थिति की गंभीरता को साफ दर्शाते हैं। मुरार जिला अस्पताल के दवा भंडार में वर्तमान में केवल 480 ओआरएस पैकेट शेष हैं। वहीं जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को दवा आपूर्ति करने वाले सीएमएचओ स्टोर में मात्र 49 पैकेट ही बचे हैं। यदि जल्द नई खेप नहीं पहुंची तो जिले की कई स्वास्थ्य संस्थाओं में ओआरएस का स्टाक पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
15 हजार पैकेट जनगणना कर्मचारियों को बांटे
ओआरएस की कमी की एक बड़ी वजह हाल ही में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को किए गए वितरण को माना जा रहा है। जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को गर्मी से बचाव के लिए करीब 15 हजार ओआरएस पैकेट वितरित किए गए थे। इसके बाद उपलब्ध स्टाक तेजी से घट गया और अब अस्पतालों में मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा नहीं बची है।
ओआरएस के लिए कारपोरेशन को आर्डर लगाए हैं। वहां से आने में देरी होने पर स्थानीय स्तर पर भी मांग भेजी हैं। जल्द ही ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। – डॉक्टर राजेश कुमार शर्मा, सिविल सर्जन
