Indore

एमपी राज्यसभा चुनाव में भाजपा का बड़ा दांव, तीसरी सीट पर भी लड़ेगी चुनाव, महेश केवट होंगे उम्मीदवार


राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट पर अपना प्रत्याशी उतारेगी। इससे साफ हो गया है कि अब निर्विरोध निर्वाचन नहीं बल्कि तीसरी सीट के लिए चुनाव होगा। पार्टी ने देर रात मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को उम्मीदवार घोषित कर दिया। केवट निवाड़ी जिले के निवासी हैं। उल्लेखनीय है कि नईदुनिया ने पहले ही बता दिया था कि पार्टी का फोकस मछुआ समाज पर है।

राज्यसभा चुनाव को लेकर रविवार को मुख्यमंत्री आवास में भाजपा के प्रमुख पदाधिकारियों की देर रात तक बैठक चली। इसमें चुनाव लड़ने पर आमराय बनी। प्रत्याशी पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), एससी (अनुसूचित जाति) या एसटी (अनुसूचित जनजाति) वर्ग से या फिर आदिवासी महिला के नामों पर विचार किया। अंत में पिछड़ा वर्ग से आने वाले मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट के नाम पर सहमति बनी और पार्टी ने देर रात उन्हें उम्मीदवार घोषित कर दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह शामिल हुए। नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि आठ जून सोमवार है और ये चार बजे तक स्वीकार किए जाएंगे।

भाजपा की आधिकारिक घोषणा से कांग्रेस खेमे में खलबली

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट पर चुनाव लड़ने की भाजपा की आधिकारिक घोषणा से कांग्रेस खेमे में खलबली मच गई। दरअसल, पार्टी के पास अपनी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजने के लिए चार विधायक ही अतिरिक्त हैं। एक सीट जीतने के लिए प्रथम प्राथमिकता वाले 58 मतों की आवश्यकता होती है। कांग्रेस के विधायक तो 64 हैं, मगर श्योपुर जिले के विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर हाईकोर्ट की रोक है।

वहीं, सागर जिले की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे को लेकर पार्टी स्पष्ट है कि वह भाजपा के साथ हैं। उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए हाईकोर्ट तक में याचिका लगाई गई है। इस प्रकार देखा जाए तो कांग्रेस के पास 62 विधायक हैं, जो चुनाव जीतने के लिए आवश्यक संख्या से चार अधिक हैं। कांग्रेस सतर्क है और विधायकों की बाड़बंदी कर सकती है। इन्हें कर्नाटक भेजा जा सकता है।

इस बीच, कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी का दावा है कि हमारा उम्मीदवार पांच सौ प्रतिशत जीतेगा, इसमें कोई संदेह नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि भाजपा चुनाव में लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन नहीं करती है तो हम ईंट का जवाब पत्थर से देने के लिए तैयार हैं।

यह है भाजपा का गणित

जबकि, भाजपा के विधायक 164 हैं। 116 वोटों के साथ वह अपने दो सदस्यों को जिता लेगी और उसके पास 48 मत अतिरिक्त हैं। निर्मला सप्रे और भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश डोडियार के मत को मिला लें तो यह संख्या 50 हो जाती है। इसके बाद भी भाजपा को आठ मतों की जरूरत होगी, इसकी पूर्ति कांग्रेस खेमे में सेंध लगाकर होगी। सूत्रों का कहना है कि भाजपा इसकी तैयारी कर चुकी है।

यह भी पढ़ें- कब तक जाम और धूल झेलेंगे इंदौरवासी? करोड़ों के फ्लाईओवर, MR सड़कें और टीपीएस योजनाएं वर्षों से अधूरी

मीनाक्षी ने कांग्रेस नेताओं से की मुलाकात, आज कराएंगी नामांकन

वहीं, कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन सोमवार को नामांकन दाखिल करेंगी। उन्होंने रविवार को भोपाल में कांग्रेस नेताओं से भेंट की। वह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और अजय सिंह से मिलने उनके आवास पहुंची और चुनाव की तैयारी को लेकर चर्चा की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)