राजगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू को 3 महीने कैद की सजा, स्टाफ नर्स से अभद्रता व मारपीट की थी
राजगढ़। दो वर्ष पहले जिला अस्पताल में पदस्थ स्टाफ नर्स के शासकीय अावास पर पहुंचकर उनके साथ अभद्रता व मारपीट करना नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू को मंहगा साबित हुआ है।न्यायालय ने नपाध्यक्ष विनोद साहू को तीन माह के साधारण कारावास और एक हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि फरियादी मीनाक्षी को जान से मारने की धमकी दी।17 जून 2024 को फरियादी मीनाक्षी कुबड़े ने थाना कोतवाली राजगढ़ में पदस्थ सउनि सुनीता भाभर को इस आशय का एक लिखित शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया कि उसके घर के सामने रैलिंग बनी थी।
उसकी पड़ोस के लोगों से आपस में बातचीत चल रही थी। 16 जून 2024 को दोपहर समय 02:00 से 03:00 बजे के आसपास नगरपालिका अध्यक्ष विनोद साहू उसके घर के सामने आया और रेलिंग की बात को लेकर उसे गालियां देने लगा।
उसने गालियां देने से मना किया तो उसके साथ हाथ और थप्पड़ों से मारपीट की व उसे फावड़े से मारने के लिए दौड़ा।
फरियादी के आवेदन पर राजगढ़ में अभियुक्त के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट अंतर्गत धारा 294, 323, 506 पर पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया।
प्रकरण में संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोगपत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने शिकायतकर्ता सहित प्रत्यक्षदर्शियों, चिकित्सक और विवेचक के बयान प्रस्तुत किए।
मेडिकल रिपोर्ट में शिकायतकर्ता के हाथ पर चोट की पुष्टि हुई। साथ ही घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण किया गया।
इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी वीर सिंह धाकड़ ने अपने निर्णय में कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों से शिकायतकर्ता के साथ मारपीट होना प्रमाणित हुआ है, लेकिन अश्लील गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं हो सके।
इसी आधार पर अदालत ने धारा 323 में दोषसिद्धि करते हुए नपाध्यक्ष विनोद साहू को तीन माह की सजा और एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया, जबकि धारा 294 और 506 के आरोपों से बरी कर दिया।
