मप्र में शिक्षकों की स्वैच्छिक ट्रांसफर नीति पर बढ़ा असंतोष: पोर्टल बंद होने से हजारों शिक्षक आवेदन से वंचित; ई-अटेंडेंस और तकनीकी दिक्कतों ने रोकी राह
मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग की स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति-2026 को लेकर असंतोष सामने आया है।

HighLights
- स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति-2026 पोर्टल बंद होने से हजारों शिक्षक आवेदन नहीं कर सके
- दिक्कतों, गलत सेवा विवरण और अस्पष्ट रिक्त पदों की जानकारी पर नाराजगी जताई
- बीएसी और जनशिक्षक अधिकतम आयु सीमा 52 से बढ़ाकर 56 वर्ष करने की मांग की
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग की स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति-2026 को लेकर असंतोष सामने आया है। तय समय सीमा पूरी होने के बाद पोर्टल बंद हो गया, जिससे हजारों शिक्षक आवेदन नहीं कर सके। शिक्षकों का कहना है कि ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता, तकनीकी दिक्कतों और कई अव्यावहारिक शर्तों के कारण बड़ी संख्या में पात्र शिक्षक भी आवेदन से वंचित रह गए।
कई शिक्षक प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए
पोर्टल पर कई मामलों में सेवा विवरण गलत दिखने और रिक्त पदों की जानकारी अस्पष्ट होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि गैर-शैक्षणिक कार्यों और अन्य ड्यूटियों के कारण भी कई शिक्षक प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए। इससे पूरे प्रदेश में नाराजगी का माहौल है।
चयन प्रक्रिया 20 अगस्त तक पूरी करने की योजना है
इसी बीच शासकीय शिक्षक संगठन ने विकासखंड अकादमिक समन्वयक (बीएसी) और जनशिक्षक पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 52 से बढ़ाकर 56 वर्ष करने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि अनुभवी शिक्षकों को मौका मिलना चाहिए, क्योंकि वर्तमान सीमा कई योग्य उम्मीदवारों को बाहर कर रही है। राज्य शिक्षा केंद्र ने इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 जुलाई तक तय की है और चयन प्रक्रिया 20 अगस्त तक पूरी करने की योजना है।
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