गोंदिया: हनुमान जन्मोत्सव पर आस्था, शक्ति और अटूट भक्ति का दिखा अलौकिक संगम

गोंदिया । हिंदू धर्म में अदम्य साहस, अपार बल और अटूट भक्ति के प्रतीक पवनपुत्र, अंजनी नंदन भगवान हनुमान जी का स्वरूप अत्यंत ओजस्वी और प्रेरणादायी है। गुरुवार, 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर समूचा गोंदिया शहर भक्ति के सागर में सराबोर नजर आया। जिले के सभी प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में सुबह से ही विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और आयोजनों की धूम रही, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक आभा से दमक उठा।
फूलों से महका सिविल लाइन देवस्थान, प्रभु को लगा ‘छप्पन भोग’
सिविल लाइन हनुमान चौक स्थित जागृत देवस्थान, जो अपनी विशेष महिमा के लिए विख्यात है, यहाँ जन्मोत्सव का उल्लास देखते ही बन रहा था। मंदिर को देश-विदेश के आकर्षक और सुगंधित फूलों से बेहद खूबसूरती के साथ सजाया गया।
महाअभिषेक प्रात: 5:00 बजे मुख्य पुजारी पं. सुरेंद्र शर्मा, सेवादार सोनीजी, एड. सुरेश राठौड़ और अग्रवालजी की गरिमामयी उपस्थिति में प्रभु का दूध, दही, शहद और पंचामृत से महाअभिषेक किया गया।अभिषेक के पश्चात दुग्धाभिषेक के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मनमोहक पुष्प श्रृंगार के बाद अंजनी नंदन को 56 भोग अर्पित किए गए।विशेष हवन और पूर्ण आहुति के बाद आयोजित सुबह की आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अटूट विश्वास के साथ सहभागिता की।

सेवा का संकल्प: टिफिन व्यवस्था और महाप्रसाद
श्री हनुमान सेवा समिति के तत्वाधान में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम में सेवा भाव की मिसाल पेश की गई।
निशुल्क महाप्रसाद सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक रहेगा और मंदिर ट्रस्ट द्वारा सुबह 11:00 से दोपहर 2:00 बजे तक विशेष टिफिन व्यवस्था का संचालन भी किया गया है। समिति अध्यक्ष सुधीर बजाज एवं समस्त सदस्यों ने इस सफल आयोजन के लिए धर्मप्रेमी जनता का आभार व्यक्त करते हुए पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की।

10,008 हनुमान चालीसा पाठ से शुद्ध हुई फिजाएं
हनुमान चालीसा की हर चौपाई में वह शक्ति है जो असंभव को संभव बना देती है। इसी शक्ति को जाग्रत करने हेतु बुधवार, 1 अप्रैल को दोपहर 3:00 बजे से ‘10,008 सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ’ का भव्य आयोजन किया गया।जब सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक स्वर और एक लय में सामूहिक वाचन शुरू किया, तो समूचा वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो उठा। शास्त्रों में वर्णित संकटमोचन मंत्रों के इस महाजाप के माध्यम से भक्तों ने विश्व कल्याण, परिवार और देश के लिए सुख-समृद्धि की कामना की।
रवि आर्य
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