इंदौर ITI एडमिशन मामला: प्रवेश की कड़ी शर्तों पर हाई कोर्ट में आपत्ति दर्ज, मूक-बधिर छात्रों के हक के लिए याचिकाकर्ता ने दायर की आपत्ति
MP ITI Admission Rules: इंदौर के नंदानगर आईटीआई में मूक-बधिर बच्चों के प्रवेश नियमों को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।

HighLights
- याचिकाकर्ता ने कड़े नियमों के खिलाफ लिखित आपत्ति दर्ज की
- हाई कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई एक हफ्ते बाद होगी
- नंदानगर सेंटर पर इलेक्ट्रिशियन व फीटर जैसे कोर्स संचालित हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर स्थित आईटीआई (ITI) में मूक-बधिर बच्चों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को लेकर दायर जनहित याचिकाओं में एक नया मोड़ सामने आया है। हाई कोर्ट की सख्ती के बाद शासन ने आईटीआई नंदानगर सेंटर पर मूक-बधिर छात्रों के लिए इलेक्ट्रिशियन और फीटर जैसे रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों में दाखिले के रास्ते तो खोल दिए, लेकिन प्रवेश की शर्तें काफी मुश्किल कर दी हैं।
नए नियमों के तहत 40 प्रतिशत से कम दिव्यांगता वाले बच्चे प्रवेश से वंचित हो सकते हैं। याचिकाकर्ता ने मंगलवार को इस पर लिखित आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे अन्य मूक-बधिर छात्रों के साथ अन्याय बताया है।
हाथों से लिखी चिट्ठियों में उजागर हुआ था दर्द
हाई कोर्ट में लंबित दो जनहित याचिकाओं में आईटीआई के भीतर मूक-बधिर छात्रों के साथ दुर्व्यवहार, बजट में गड़बड़ी, मारपीट और जबरन काम कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिका में छात्रों द्वारा कलेक्टर और प्रिंसिपल को लिखी गईं वे चिट्ठियां भी शामिल हैं, जिनमें उन्होंने अपने साथ हो रहे अन्याय की जानकारी दी थी।
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कोर्ट के आदेश के बावजूद शर्तें थोपने का आरोप
याचिकाकर्ताओं की एडवोकेट शन्नो शगुफ्ता खान ने बताया कि आईटीआई के दो केंद्र हैं नंदानगर सेंटर पर इलेक्ट्रिशियन व फीटर जैसे टेक्निकल कोर्स हैं, जबकि दूसरे सेंटर पर सिर्फ कंप्यूटर कोर्स हैं। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने न्यूनतम योग्यता पूरी करने वाले मूक-बधिर छात्रों को मनपसंद पाठ्यक्रम में प्रवेश देने का आदेश दिया था। आरोप है कि पालन करने के बजाय ऐसी शर्तें जोड़ दी गईं, जिससे दाखिला पाना कठिन हो गया है। इस मामले में अब एक सप्ताह बाद सुनवाई होगी।