Video गोंदिया: महाआरती से गूंजा रामनगर , हर दिल में बस गए प्रभु श्रीराम

गोंदिया । आज देश ही नहीं, बल्कि गोंदिया का कोना-कोना ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गुंजायमान है। रामनवमी के इस महापर्व पर, रामनगर स्थित प्राचीन राम मंदिर में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हर भक्त की आंखें सजल हैं और मन प्रभु की भक्ति में सराबोर।
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम जी के प्रति अटूट श्रद्धा , जो सदियों से भारत की आत्मा में बसी है। 26 मार्च रामनवमी पर्व पर दोपहर के 12:30 बजे, रामनगर मंदिर में विधि-विधान के साथ प्रभु श्री राम का जन्मोत्सव मनाया गया।
फूलों का हिंडोला सजाकर भव्य झूले में जब नन्हें रामलला को विराजमान किया गया, तो भक्तों का उत्साह देखने लायक था। हर कोई एक बार उस डोरी को थामने के लिए आतुर था, जो सीधे प्रभु से जुड़ती है।
महाआरती का शंखनाद किया गया सैकड़ों की संख्या में मौजूद रामभक्तों ने जब एक सुर में आरती शुरू की, तो पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री रामचंद्र, माता जानकी और लक्ष्मण जी की प्रतिमाओं का श्रृंगार इतना अलौकिक था कि मानो साक्षात देवलोक धरती पर उतर आया हो।
शोभायात्रा निकलने से पूर्व महाआरती का उल्लास यह तो सिर्फ शुरुआत है।
दोपहर 3:30 बजे ढोल-नगाड़ों की थाप, नयन विराम स्वचालित झांकियां , भक्तों का नृत्य और गूंजता जय घोष रामनवमी के महापर्व को और भी भक्ति से सराबोर कर देगा।
हाथों में धर्मध्वज और ज़ुबां पर ‘ जय श्री राम ‘
श्री राम जन्मोत्सव समिति के तत्वधान में सर्व हिंदू समाज युवा समिति गोंदिया द्वारा रामनगर स्थित राम मंदिर से भव्य बाइक रैली निकाली गई।
राम मंदिर में सुबह 9.30 बजे पूजा अर्चना व आरती पश्चात जय श्रीराम के जयघोष के साथ निकली विशाल बाइक रैली में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता एवं समस्त हिंदू समाज के युवा, बुजुर्ग, बच्चे शामिल हुए।
रैली को लेकर उत्साह का माहौल था, बाइक पर झंडे, हाथों में भगवा ध्वज, सिर पर भगवा रंग की पगड़ी पहनकर राम भक्तों ने इस विशाल बाइक रैली में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

डीजे के मंगल गीतों की धुनों के साथ रामनगर इलाके के राम मंदिर से निकली ऐतिहासिक भव्य बाइक रैली का नगर भ्रमण पश्चात रेस्ट हाउस में समापन हुआ।
रैली के मार्गो पर जगह-जगह हिंदू समाजसेवियों व संस्थाओं द्वारा पानी, शरबत, छांछ, कोल्ड्रिंक के स्टाल लगाए गए थे। संपूर्ण गोंदिया शहर जय श्रीराम के जयकारों से भक्तिमय हो गया।
रवि आर्य
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