मप्र को बड़ी सौगात: केंद्र से मिलेंगे 688 करोड़ रुपये , सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में 11 मंदिरों को जोड़कर बनेगा ‘टेंपल कॉरिडोर’
सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन के 11 प्रमुख मंदिरों को जोड़ने वाला भव्य टेंपल कॉरिडोर बनेगा, इसके लिए प्रस्तावित परियोजना को केंद्र की सैद्धांतिक मंजूरी म…और पढ़ें

HighLights
- उज्जैन के 11 प्रमुख मंदिरों को जोड़ने वाला भव्य टेंपल कॉरिडोर बनेगा
- सिंहस्थ 2028 की तैयारी, परियोजना को केंद्र की सैद्धांतिक मंजूरी
- केंद्र सरकार से मिलेगा 2753.10 करोड़ रुपये का अर्बन चैलेंज फंड
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के शहरी विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने प्रदेश की विभिन्न शहरी विकास परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है।
इस बड़ी मंजूरी के तहत सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर किया गया है, जिसके अंतर्गत धार्मिक नगरी उज्जैन के 11 प्रमुख मंदिर परिसरों के समग्र विकास और भव्य ‘टेंपल कॉरिडोर’ निर्माण परियोजना को हरी झंडी दे दी गई है।
इन सभी महत्वाकांक्षी शहरी विकास योजनाओं पर कुल 2753.10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसमें से 25 प्रतिशत राशि यानी करीब 688 करोड़ रुपये केंद्र सरकार अपने ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के तहत मध्य प्रदेश को वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान करेगी।
नई दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक में हुआ प्रेजेंटेशन
इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने राज्य सरकार की इन दूरगामी परियोजनाओं का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इस बैठक में केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के सचिव कटिकिथला श्रीनिवास सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
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फंड जुटाने के लिए जारी होगा ‘टेंपल बॉन्ड’
सिंहस्थ 2028 से जुड़े इन 11 प्रमुख मंदिरों के विस्तार कार्यों, जीर्णोद्धार और वहां आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन जुटाने के उद्देश्य से राज्य सरकार एक नया प्रयोग करने जा रही है।
इसके लिए प्रदेश सरकार विशेष ‘टेंपल बॉन्ड’ भी जारी करेगी। इन सभी परियोजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग की पूरी जिम्मेदारी उज्जैन विकास प्राधिकरण संभालेगा।
इंदौर, जबलपुर और रीवा को भी मिली बड़ी सौगातें
‘अर्बन चैलेंज फंड’ के तहत केवल उज्जैन ही नहीं, बल्कि प्रदेश के तीन अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है:
इंदौर, जबलपुर और रीवा: इन तीनों शहरों में जल प्रदाय (वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन) नेटवर्क को बेहद मजबूत किया जाएगा।
सीवरेज सिस्टम का अपग्रेडेशन: इन शहरों के सीवरेज सिस्टम का उन्नयन (अपग्रेड) कर इसे आधुनिक रूप दिया जाएगा।
